ये है दुनिया की सबसे महंगी पेंटिंग, सुरक्षा ऐसी कि परिंदा भी नहीं मार सकता पर

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पेरिस। फ्रांस की राजधानी पेरिस में लुव्रे म्यूजियम है। यहां तमाम तरह की कलाकृतियां रखी हैं, लेकिन इनमें शामिल एक पेंटिंग की सबसे ज्यादा सुरक्षा की जाती है। वजह भी है। एक तो ये हजारों करोड़ की कीमत की है और साथ ही एक बार चुराई भी जा चुकी है।

किस पेंटिंग की होती है ऐसी सुरक्षा ?
लुव्रे म्यूजियम में घुसते ही सबसे पहले दुनियाभर के लोग एक ही पेंटिंग देखना चाहते हैं। पेंटिंग का नाम है मोनालिसा। वही मोनालिसा, जिसे इटली के मशहूर कलाकार लियोनार्डो दा विंची ने बनाया था। साल 1545 में जब विंची को फ्रांस के नरेश ने अपने यहां निमंत्रण दिया, तो विंची अपनी कलाकृतियों के साथ पेरिस पहुंचे। लियोनार्डो की मोनालिसा फ्रांस के नरेश को इतनी पसंद आई कि उन्होंने इसे खरीदकर लुव्रे म्यूजियम में रखवा दिया। फ्रांस पर जब नेपोलियन का शासन आया, तो उसने मोनालिसा को अपने बेडरूम में टंगवा दिया, लेकिन बाद में लुव्रे को वापस कर दिया।

1911 में चोरी हो गई थी मोनालिसा
मोनालिसा को साल 1911 में इतालवी मूल के एक शख्स ने लुव्रे से चुरा लिया। वो इस म्यूजियम में काम करता था। उस दौर में लुव्रे के कर्मचारी ढीला चोगा पहनते थे। चोर रात भर म्यूजियम में छिपा रहा और मोनालिसा को दीवार से उतारकर अपने चोगे में छिपा लिया। इसके बाद सुबह जब म्यूजियम के दरवाजे खुले, तो वो पेंटिंग को अपने चोगे में छिपाकर बाहर निकल गया। चोर इसके बाद इटली के फ्लोरेंस पहुंचा और मोनालिसा को बेचने की कोशिश की, लेकिन पकड़ा गया। इसके बाद जब पेंटिंग दोबारा लुव्रे पहुंची, तो इसका बीमा कराया गया और कड़ी सुरक्षा में रखा गया।

इतने की है मोनालिसा, इस तरह होती है सुरक्षा
मोनालिसा का साल 1962 में 100 मिलियन डॉलर का बीमा कराया गया था। यानी इसकी मौजूदा कीमत 6 हजार करोड़ रुपए से भी ज्यादा है। जाहिर है, दुनिया की इस सबसे महंगी पेंटिंग की सुरक्षा भी जबरदस्त कड़ी है। पेंटिंग को बुलेट प्रूफ और बम प्रूफ ग्लास के भीतर रखा गया है। साथ ही इसके आसपास लेजर किरणों की ऐसी व्यवस्था है कि अगर कोई भी एक दायरे के बाहर उंगली तक निकाले, तो तुरंत लुव्रे म्यूजियम में तेज अलार्म बजने लगता है। इसके अलावा पेंटिंग के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर दर्शक पर नजर रखी जाती है। हर साल इस पेंटिंग को ही देखने दुनियाभर से 40 लाख से ज्यादा लोग लुव्रे पहुंचते हैं। पेंटिंग जहां लगाई गई है, वहां कुछ गुप्त दरवाजे हैं। किसी भी शख्स पर शक होते ही, वे अचानक निकलकर उसे गिरफ्त में लेते हैं। बता दें कि साल 2011 में एक रूसी महिला ने पेंटिंग पर मग फेंका था। जिससे पेंटिंग पर तरल पदार्थ गिर गया और इसके बाद से ही सुरक्षा को और कड़ा कर दिया गया।

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