खांसी हो या सिरदर्द, इन बीमारियों के लिए अब आपको नहीं मिलेगी दवा !

85 0

नई दिल्ली। मोदी सरकार का स्वास्थ्य मंत्रालय जल्दी ही 300 से ज्यादा दवाइयों को बैन करने का आदेश जारी कर सकता है। जो लिस्ट जारी की जाएगी, उनमें फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन यानी एफडीसी दवाइयां होंगी। इन दवाइयों में कफ सिरप से लेकर पेन किलर तक पर शिकंजा कस जाएगा और तमाम कंपनियों की दवाइयां बाजार में मिलनी बंद हो जाएंगी।

इन दवाइयों पर लगेगा बैन
एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक उसने दवाइयों पर लगने वाले बैन की अधिसूचना देखी है। इसके तहत फेंसिडिल, सेरिडॉन और डी कोल्ड टोटल जैसी आम इस्तेमाल की दवाइयों को भी बैन किया जाने वाला है। कुल मिलाकर लिस्ट में 343 दवाइयां हैं, जिन्हें बनाने और बेचने पर रोक लगाई जाएगी। ये लिस्ट ड्रग टेक्नोलॉजी एडवाइजरी बोर्ड यानी डीटीएबी की सिफारिश पर तैयार की गई है।

क्या है एफडीसी ?
इलाज में इस्तेमाल की जा सकने वाली दो या ज्यादा दवाइयों को मिलाकर बनाई जाने वाली दवा को फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन यानी एफडीसी दवा कहते हैं। सरकार जिन दवाइयों को बैन करने जा रही है, उनमें पैरासिटेमॉल, फेनिलेफ्राइन और कैफीन के अलावा क्लॉरफेनिरामाइन मैलिएट, कोडाइन का कॉम्बिनेशन और पैरासिटेमॉल, प्रॉपिफेनाजोन और कैफीन के मेल से बनाई जाने वाली दवाइयां शामिल की गई हैं।

बड़ी कंपनियों को होगा बड़ा नुकसान
एक अनुमान के अनुसार 300 से ज्यादा दवाइयों पर बैन लगने से दवा बाजार में 2 फीसदी का असर पड़ेगा। यानी 1 लाख करोड़ रुपए के इस कारोबार में 2 हजार करोड़ का झटका कंपनियों को लगने जा रहा है। वैसे भी, जिन दवाइयों को बैन किया जाने वाला है, उनकी साल 2016 में बिक्री 3000 करोड़ रुपए से घटकर 2 हजार 183 करोड़ ही रह गई है। अंग्रेजी अखबार के अनुसार दवाइयों पर बैन से एबॉट जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनी के अलावा पीरामल, सिप्ला, ल्युपिन और मैक्लिऑड्स जैसी बड़ी घरेलू दवा बनाने वाली कंपनियों को झटका लगेगा।

सुप्रीम कोर्ट ने दिया था बैन का आदेश
सरकार ने दवाइयों को बैन करने का फैसला साल 2017 में सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने डीएटीबी से कहा था कि वो स्वास्थ्य मंत्रालय को सलाह दे कि किन दवाइयों को बैन करना है, उनके इस्तेमाल को रेग्युलेट करना है या उन्हें कम बिकने देना है।

Related Post

न्याय मिलने में हुई देरी तो बलात्कार पीड़िता ने दे दी जान, पुलिस पर उठे सवाल

Posted by - May 21, 2018 0
महराजगंज की घटना, रेप के आरोपी प्रधान व सेक्रेटरी के दबाव में पुलिस कर रही थी जांच में लीपापोती शिवरतन…

अध्ययन : अब कुत्ते करेंगे म‍लेरिया की पहचान, जानिए कहां दी जा रही ट्रेनिंग

Posted by - October 31, 2018 0
लंदन। अब मलेरिया जैसी बीमारी की रोकथाम के लिए जानवरों की भी मदद ली जाएगी। ब्रिटेन और गाम्बिया के वैज्ञानिकों…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *