इंसानियत शर्मसार : राजस्थान में नानी के घर आई दिल की मरीज 3 साल की मासूम से रेप

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झुंझुनूं। राजस्‍थान के झुंझुनू जिले में इंसानियत को तार-तार करने वाली एक घटना हुई है। झुंझुनूं जिले के मलसीसर में नानी के घर आई एक 3 वर्षीय मासूम से दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि पीड़ित बच्ची दिल की मरीज है और उसका पिछले कुछ समय से उपचार चल रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को चिड़ावा से गिरफ्तार कर लिया है।

9 घंटे लहूलुहान बच्‍ची को गोद में लेकर बैठी रहीं नानी

चुरू जिले की रहने वाली बच्ची अपनी मां के साथ एक माह पहले ननिहाल मलसीसर आई थी। गुरुवार सुबह 10 बजे घर में बच्ची अकेली थी। नानी पड़ोस में गई हुई थी और बच्ची की मां चिड़ावा अपने परिवारीजनों से मिलने गई थी। बच्ची की नानी जब घर लौटीं तो एक बर्तन बेचने वाले को घर से निकलते हुए देखा। किसी अनहोनी की आशंका पर जब वह घर के अंदर पहुंचीं तो देखा कि बच्ची लहूलुहान हालत में पड़ी थी। खेत में बने मकान में बच्ची की वृद्ध नानी लहूलुहान बच्ची को लेकर नौ घंटे तक बैठी रही। बाद में परिजनों के लौटने पर पुलिस को सूचना दी।

24 घंटे के अंदर आरोपी गिरफ्त में

बच्ची के परिवारीजनों ने बिसाऊ थाने पहुंचकर मामला दर्ज कराया। बच्‍ची को झुंझुनूं के बीडीके अस्‍पताल में भर्ती कराया गया। बच्‍ची को तो शायद पता भी न हो कि उसके साथ क्‍या हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया कि गुरुवार को बाइक पर फेरी लगाकर बर्तन बेचने वाले 4 लोग आए थे। पुलिस ने रात भर की मशक्कत के बाद आरोपी बर्तन बेचने वाले अलीपुरा लालसोट (दौसा) निवासी विनोद को शुक्रवार (3 अगस्‍त) सुबह पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपी की बाइक भी जब्त कर ली है। इस दौरान पुलिस की टीमों ने डाबड़ी धीरसिंह से मंड्रेला और चिड़ावा तक लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले। 12 घंटे बाद चिड़ावा में गोशाला के पीछे किराए के मकान से पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया।

परिजनों को 2.20 लाख की मदद 

झुंझुनूं के बीडीके अस्पताल में सखी सेंटर की टीम भी बच्‍ची की देखरेख करने पहुंची। साथ ही, अस्पताल पहुंची राजस्थान बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम ने बच्ची की स्क्रीनिंग की। महिला अधिकारिता विभाग की जिला महिला सहायता समिति की ओर से परिवार को 30 हजार रुपए दिलाए। उधर, आरबीएसके कार्यक्रम के तहत बच्ची के दिल में छेद की बीमारी को देखते हुए जयपुर में उसके नि:शुल्क ऑपरेशन का फैसला किया गया है। इस बीच जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार जैन की पहल पर बच्ची के परिजनों को पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत 2 लाख 20 हजार रुपए की सहायता मंजूर की गई है।

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