इस बीमारी से भारत में हर साल होती हैं 2 लाख मौतें, 2030 तक खत्म करने का लक्ष्य

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नई दिल्ली। मौसम में बदलाव अपने साथ-साथ कई बीमारियां लेकर आता है, जिनमें से मलेरिया भी एक है। ये एक ऐसी जानलेवा बीमारी है जिसकी वजह से देशभर में लाखों लोग अपनी जान गंवा देते हैं। वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन (WHO) के मुताबिक, साल 2012 में मलेरिया के कारण दुनियाभर में लगभग 6,27,000 मौतें हुई। इस मामले में ज्यादा मौतें अफ्रीकी, एशियाई और लैटिन अमेरिकी देशों में हुई हैं। मलेरिया से होने वाली मौतों के मामले में भारत का विश्व में चौथा स्थान है। यहां हर साल 2 लाख लोगों की मौत इस बीमारी की वजह से हो जाती है।

अफ्रीका के दो देश और श्रीलंका मलेरिया से मुक्‍त

मलेरिया की वजह से अफ्रीका में हर साल 40 लाख लोगों की जान जाती है, लेकिन पिछले कुछ सालों में अफ्रीका के कुछ देश मलेरिया मुक्त हो गए हैं। कभी वेस्ट अफ्रीका के दो देशों साओ टोमे और प्रिंसिपी में मलेरिया की वजह से हजारों लोगों की मौत होती थी, लेकिन 2014 से इन दोनों की गिनती मलेरिया मुक्त देशों में होती है। अब यहां मलेरिया की वजह से कोई बीमार नहीं पड़ता है। इनसे हमें सीखने की जरूरत है। ये दोनों देश अपने बेहतरीन बीच और कॉफी प्लांटेशन के लिए फेमस हैं। उधर, श्रीलंका और मालदीव जैसे देश भी मलेरिया पर इसलिए काबू पाने में कामयाब हुए क्योंकि उन्होंने अपना पूरा जोर जनस्वास्थ्य पर लगा दिया था।

मलेरिया से भारत में हर साल 2 लाख मौतें

मलेरिया पर 2017 में जारी WHO की रिपोर्ट बताती है कि भारत दुनिया के उन 15 देशों में शामिल है जहां मलेरिया के सबसे अधिक मामले सामने आते हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में हर साल मलेरिया के लगभग 18 लाख मामले सामने आते हैं। इनमें से सालाना 2, 05,000 लोगों की मौत हो जाती है। यहां 100 में से कम से कम 3 लोगों की मौत मलेरिया के कारण होती है। इस घातक बीमारी का सबसे ज्‍यादा असर बच्‍चों पर पड़ता है। करीब 55,000 बच्‍चे जन्‍म के कुछ सालों के भीतर इस बीमारी के कारण मौत के मुंह में समा जाते हैं। भारत में मलेरिया के सबसे ज्यादा मामले उड़ीसा, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, त्रिपुरा, मेघालय और नॉर्थ ईस्ट के कई राज्यों से सामने आए हैं।

2030 तक मलेरिया मुक्त होगा भारत

केंद्र सरकार ने मलेरिया के खात्मे के लिए एक राष्ट्रीय योजना लॉन्च की है और भारत को 2027 तक मलेरिया मुक्त करने और 2030 तक इस बीमारी को जड़ से खत्‍म करने का संकल्प लिया है। ‘नेशनल फ्रेमवर्क फॉर मलेरिया एलिमिनेशन इन इंडिया 2016-2030’ के लिए देश में चरणबद्ध तौर पर काम हो रहा है। इसके लिए रोडमैप तैयार किया गया है।

कैसे पूरा करेंगे टारगेट

2022 तक कम और मीडियम लेवल के प्रभावित इलाकों में मलेरिया को खत्म करना।

2024 तक सभी राज्यों में मलेरिया के मामलों को एक हजार की आबादी में एक से भी कम तक लाना।

2027 तक देश में मलेरिया को फैलने से रोकना, जिसमें सभी प्रभावित राज्यों को शामिल किया जाएगा।

2030 तक मलेरिया की व्यापक निगरानी करना, ताकि उन्मूलन किए जा चुके इलाकों में मलेरिया दोबारा नहीं फैले।

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