आखिर कहां जाएंगे असम के 40 लाख लोग ?

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  • धर्मेन्‍द्र त्रिपाठी

लखनऊ। सरकार ने असम में 40 लाख ऐसे लोगों की पहचान की है जो अपनी भारत की नागरिकता साबित नहीं कर पाए हैं। सरकार का कहना है कि ये लोग अवैध रूप से बांग्‍लादेश से घुसपैठ करके आए हैं। हालांकि सरकार का कहना है कि एनआरसी (National Register of Citizens) की यह सूची अभी अंतिम नहीं है। चलिए इसे मान भी लें तो भी अगर अंतिम सूची में 30 लाख भी ऐसे लोग निकल आते हैं जो अवैध रूप से भारत आए हैं तो सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकार इन लोगों के साथ क्‍या सुलूक करेगी ? इस बाबत केंद्र और राज्‍य सरकार के पास कोई स्‍पष्‍ट नीति तो है नहीं।

अगर ये सभी लोग बांग्‍लादेश से अवैध रूप से आए हैं तो इन्‍हें वापस बांग्‍लादेश भेजना सरकार के लिए इतना आसान नहीं होगा। बांग्‍लादेश भी इतनी बड़ी संख्‍या में लोगों को अपने यहां वापस लेने के लिए तैयार नहीं होगा। अगर भारत इसके लिए जिद करता है तो जाहिर है इससे दोनों देशों के संबंध बिगड़ेंगे।

आखिर इन लोगों में बड़ी संख्‍या में महिलाएं, बच्‍चे और बुजुर्ग भी होंगे, जिन्‍हें दर-ब-दर की ठोकरें खाने के लिए नहीं छोड़ा जा सकता। ऐसे में सरकार को मानवीय आधार पर उन्‍हें भारत में ही रहने देना चाहिए। लेकिन चूंकि ये भारत के नागरिक नहीं होंगे, इसलिए इन लोगों पर कुछ शर्तें लगाई जा सकती हैं –

  1. सरकार ऐसे सभी लोगों को वोटिंग का अधिकार न दे। वे भारत में तो रहेंगे लेकिन उन्‍हें वोट देने का हक नहीं होगा।
  2. ऐसे सभी लोगों की सरकारी नौकरी में भर्ती न की जाए।
  3. इन लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं दिया जाए।
  4. इन लोगों को राज्‍य में प्रॉपर्टी खरीदने का अधिकार भी नहीं मिले।
  5. ऐसे लोगों के पास अगर पासपोर्ट हों तो उनसे वापस ले लिये जाएं।

दुनिया के कई देशों की जनसंख्‍या ही 40 लाख नहीं

यह जानना दिलचस्‍प होगा कि असम में जितने लोगों की (40 लाख) घुसपैठियों के रूप में पहचान हुई है, दुनिया के कई सारे देशों की जनसंख्‍या भी उतनी नहीं है। दुनिया के बहुत से देश ऐसे हैं, जिनकी जनसंख्‍या 40 लाख या उससे कम है। असम में एनआरसी से बाहर लोगों की संख्‍या बांग्‍लादेश की कुल आबादी (16.5 करोड़, वर्ष 2017 में) का 20 फीसदी है। यही नहीं, एनआरसी से बाहर लोगों की संख्‍या क्रोएशिया (41 लाख) से थोड़ी ही कम और भूटान की आबादी की 5 गुना है।

आइए जानते हैं दुनिया के किन देशों की आबादी 40 लाख या उससे कम है –

  • पोर्टोरिको की आबादी 3,982,000 है।
  • बोस्निया और हर्जेगोविना की आबादी 3,767,000 है।
  • कांगो गणराज्‍य की आबादी 3,683,000 है।
  • लाइबेरिया की आबादी 3,476,608 है।
  • पनामा की आबादी 3,454,000 है।
  • उरुग्‍वे की आबादी 3,361,000 है।
  • लिथुआनिया की आबादी 3,350,400 है।
  • आर्मीनिया की आबादी 3,230,100 है।
  • अल्‍बानिया की आबादी 3,170,000 है।
  • कुवैत की आबादी 2,985,000 है।
  • ओमान की आबादी 2,845,000 है।
  • जमैका की आबादी 2,719,000 है।
  • मंगोलिया की आबादी 2,671,000 है।
  • नामीबिया की आबादी 2,171,000 है।
  • कतर की आबादी 1,409,000 है।
  • त्रिनिडाड और टोबैगो की आबादी 1,339,000 है।
  • मॉरीशस की आबादी 1,288,000 है।
  • बहरीन की आबादी 791,000 है।
  • आइसलैंड की आबादी तो महज 319,326 है।

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