स्मार्ट बैंडेज खोजेगा इंफेक्शन और खुद करेगा ठीक

217 0

न्‍यूयॉर्क। कुछ साल पहले तक अगर आपको किसी वजह से चोट लग जाए तो घाव को देखकर उसकी जांच होती थी, फिर इलाज होता था। इसके लिए डॉक्टर, नर्स और इलाज की प्रक्रिया में काफी समय लगता था, लेकिन भविष्य में यह सब तुरंत हो सकेगा और वह भी सिर्फ़ एक स्मार्ट बैंडेज के ज़रिए। वैज्ञानिकों ने एक ऐसा स्‍मार्ट बैंडेज विकसित किया है, जो घाव में इंफेक्‍शन है या नहीं, इसका पता लगाएगा और खुद ही इसका इलाज भी करेगा।

किसने किया शोध ?

वर्तमान में चोटों और घाव के ड्रेसिंग की कई सारी आधुनिक तकनीक आ गई हैं,  जैसे स्‍पाइडर सिल्‍क से बनी पट्टी या स्टार ट्रेक-स्टाइल पैच, जिनमें उपचार के लिए ठंडे प्लाज्मा का इस्‍तेमाल किया जाता है। अब इसी क्रम में अमेरिका के नेब्रास्का-लिंकन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने एक ऐसा स्‍मार्ट बैंडेज विकसित किया है, जो मौजूदा तरीकों से अधिक कारगर साबित होगा।

क्‍या है स्‍मार्ट बैंडेज की खासियत ?

शोधकर्ताओं ने जो स्‍मार्ट बैंडेज विकसित किया है,  वह काफी अत्‍याधुनिक है। स्‍मार्ट बैंडेज यह जांचने में सक्षम है कि घाव में संक्रमण है या नहीं।  अगर घाव में संक्रमण होता है,  तो यह उस पर दवा भी लगाएगा और घाव का पूरी तरह इलाज भी करेगा। मैकेनिकल एंड मैटीरियल्स इंजीनियरिंग विभाग के सहायक प्रोफेसर अली तामायोल बताते हैं, ‘इस बैंडेज की खासियत है कि यह पीएच स्तर (अम्लता) को माप सकता है और अगर काफी पुराने घाव हैं तो उनमें भी संक्रमण का पता लगा सकता है। संक्रमण पाए जाने पर यह अपने आप घाव पर एंटीबायोटिक्स का लेप करता है और घाव को जल्‍दी ठीक होने में मदद करता है।

कैस काम करता है स्‍मार्ट बैंडेज ?

इस स्‍मार्ट बैंडेज में पीएच और तापमान मापने के लिए दो सेंसर होते हैं। अगर घाव ज्‍यादा बिगड़ गया और उसमें बैक्टीरिया पैदा हो गए हैं तो ये दो सेंसर उसका पता लगा सकते हैं। यही नहीं,  ये अनोखा बैंडेज घाव में सूजन का भी पता लगा सकता है। ये सेंसर एक हाइड्रोजेल शीट में होते हैं, जिनमें एंटीबॉयटिक्स सहित दवा युक्त कैप्सूल होते हैं। जैसे ही घाव में किसी संक्रमण का पता चलता है  तो पट्टी ऑटोमैटिक घाव के ऊपर दवाओं का छिड़काव कर सकती है। परीक्षणों में  यह साबित हुआ है कि यह स्‍मार्ट बैंडेज 90 प्रतिशत से अधिक बैक्टीरिया को हटाने में कामयाब हुआ और पीएच स्तर को सामान्य स्‍तर तक ले आया।

और क्‍या-क्‍या कर सकता है यह बैंडेज ?

अली तामायोल का कहना है,  ‘इसके जरिए मधुमेह की वजह से हुए पुराने  घावों का उपचार संभव है। यही नहीं,  इस स्‍मार्ट बैंडेज की मदद से अन्य पुरानी बीमारियों का भी इलाज किया जा सकता है जिनको नियंत्रित करने के लिए दवाओं की जरूरत है। उदाहरण के लिए, मधुमेह से ग्रस्त मरीजों में ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित करने के लिए इसी तरह के प्‍लेटफॉर्म का उपयोग किया जा सकता है।’

अभी और होगा सुधार

तामायोल बताते हैं कि इस स्‍मार्ट बैंडेज के विकास के अगले चरण में छोटे जानवरों पर पट्टी का परीक्षण करने के साथ-साथ दवा देने वाले प्लेटफार्म में सुधार किया जाएगा। हमें उम्मीद है कि इसमें जल्‍द ही सफलता मिलेगी और फिर इंसानों पर इसका परीक्षण किया जाएगा। तामायोल ने कहा,  बहुत से मरीज ऐसे हैं जो पुराने घावों से पीड़ित हैं  और यह खोज निश्‍चय ही उनकी मदद करेगी। यही नहीं,  जब यह स्‍मार्ट बैंडेज प्रचलन में आ जाएगा तो अस्पताल में मरीजों की संख्‍या भी कम होगी और ऐसे मरीजों को घावों में संक्रमण के त्वरित उपचार की सुविधा मिलेगी।’

Related Post

मक्का मस्जिद ब्लास्ट केस में फैसला सुनाने वाले जज रेड्डी ने दिया इस्तीफा

Posted by - April 16, 2018 0
सुबह स्‍वामी असीमानंद सहित सभी 5 आरोपियों को बरी करने का सुनाया था फैसला फैसला सुनाने के कुछ घंटों बाद…

कुमारस्वामी की राह में रोड़ा बन सकते हैं भाई रेवन्ना, जा सकते हैं बीजेपी के साथ

Posted by - May 16, 2018 0
बेंगलुरु। जेडीएस के एचडी कुमारस्वामी भले ही कर्नाटक में कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार का मुखिया बनने की कोशिश में…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *