मुजफ्फरपुर रेपकांड : वहशियों ने पार कीं हैवानियत की सारी हदें

75 0
  • बालिका गृह में बच्चियों से बलात्‍कार के मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे

मुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर के बालिका गृह में बच्चियों के साथ बलात्‍कार मामले की जांच में ऐसे तथ्‍य सामने आए हैं, जिनसे पता चलता है कि वहशियों ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दी थीं। मेडिकल जांच में पता चला है कि वे बच्चियों को रोजाना नशे का इंजेक्शन देकर उनके साथ रेप करते थे। यही नहीं, बच्चियों के शरीर पर जलने के निशान भी मिले हैं। बालिका गृह की ही एक लड़की ने आरोप लगाया था कि उनकी एक साथी की पीटकर हत्या कर दी गई और उसे परिसर में दफन कर दिया गया था।

कैसे सामने आया यह घिनौना सच ?

इसी साल मई महीने में टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज के सोशल ऑडिट के दौरान मामले का खुलासा हुआ था। पुलिस जांच में पीडि़ताओं ने बताया कि शेल्‍टर होम से 6 लड़कियां गायब हुई हैं। फिर 31 मई को बालिका गृह में बच्चियों के साथ यौन शोषण का खुलासा हुआ। कुछ बच्चियों के गर्भवती होने की भी पुष्टि हुई थी। पिछले महीने ही यौन उत्पीड़न की शिकार 40 से अधिक बच्चियों को आज़ाद कराया गया था। इस मामले में पिछले दिनों पटना मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल (पीएमसीएच) ने 21 लड़कियों की मेडिकल रिपोर्ट में खुलासा किया है कि बालिका गृह की 16 बच्चियों के साथ बलात्कार हुआ था। बाकी लड़कियों की रिपोर्ट अभी आई नहीं है।

एक लड़की की हत्‍या भी हुई !

बालिका गृह में रही एक लड़की ने खुलासा किया कि जब आश्रय गृह की एक लड़की ने वहां के स्टाफ के साथ असहमति जताई तो उसे पीटकर मार दिया और उसे बालिका गृह के मैदान में ही जमीन में गाड़ दिया गया। मुजफ्फरपुर की एसएसपी हरप्रीत कौर ने कहा, ‘हम लड़की के बयान के आधार पर सोमवार (23 जुलाई) को उस जगह खुदाई की, जिसकी पहचान उस लड़की ने की थी। हालांकि वहां से मृत बच्ची के शव के अवशेष नहीं मिले हैं। खुदाई का दायरा बढ़ाया जा सकता है।’

अबतक 10 लोगों की हुई गिरफ्तारी

एसएसपी हरप्रीत ने बताया कि पुलिस मामले  की गहनता से जांच कर रही है। इस मामले में अबतक कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें जिला बाल संरक्षण अधिकारी और बालिका गृह की महिला कर्मचारी भी शामिल हैं। इनके खिलाफ जल्द ही चार्जशीट दायर की जाएगी। एसएसपी ने बताया कि किसी भी लड़की ने यह नहीं कहा कि उन्हें कभी हॉस्टल से बाहर ले जाया गया है। हालांकि एसएसपी ने भी स्‍वीकार किया कि इस बालिका गृह में 40 से अधिक लड़कियां हैं और मेडिकल रिपोर्ट बताती हैं कि उनमें से आधे से ज्यादा के साथ यौन संबंध बनाए गए।

बाल कल्‍याण समिति का प्रमुख भी आरोपी

इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बाल कल्याण समिति के सदस्यों और संगठन के प्रमुख पर भी बालिका गृह की लड़कियों के यौन उत्‍पीड़न का आरोप है। एक अधिकारी ने कहा कि यह काफी गंभीर और चिंताजनक बात है, क्योंकि इन्‍हीं लोगों पर इन लड़कियों की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी है।

संसद में भी गूंजा मामला

मुजफ्फरपुर रेपकांड का मामला मंगलवार (24 जुलाई) को संसद में भी गूंजा। कांग्रेस सांसद रंजीता रंजन ने इस मुद्दे पर लोकसभा में कार्यस्‍थगन प्रस्‍ताव की मांग की। इसके जवाब में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मामला काफी संवेदनशील है। अगर राज्‍य सरकार सीबीआई जांच की पहल करती है तो केंद्र सरकार इस पर विचार कर सकती है।

कौन है बालिका गृह का संचालक ?

मुजफ्फरपुर के जिस बालिका गृह में 42 लड़कियां रहती थीं, उसे एक एनजीओ सेवा संकल्‍प एवं विकास समिति द्वारा संचालित किया जा रहा था। इस एनजीओ के कर्ता-धर्ता पूर्व में पत्रकार रहे बाहुबली ब्रजेश ठाकुर हैं। एसएसपी ने बताया कि बालिका गृह को चलाने वाले एनजीओ को काली सूची में डाल दिया गया है और बालिका गृह को सील कर दिया गया है। यहां की लड़कियों को अन्य जिलों के नारी निकेतनों में भेज दिया गया है।

बुरी तरह टूट चुकी हैं लड़कियां

यूनिसेफ से  जुड़े सुनील झा ने बालिका गृह की पीड़िताओं के साथ कुछ समय बिताया है। उन्‍होंने कहा कि लगातार यातना ने बच्चियों के दिल को पूरी तरह तोड़ दिया है। अब इसकी उम्‍मीद कम ही है कि वे सामान्य जीवन जी पाएं। हालांकि हमें विश्‍वास है कि जैसे-जैसे उनके ऊपर से नशे की दवाओं का असर कम होगा,  वे इससे धीरे-धीरे उबर जाएंगी। अधिकारियों के लिए प्रमुख चिंता यही है कि बच्चियां जल्‍दी ठीक हो जाएं क्‍योंकि आरोपपत्र दाखिल करने के पहले उन्‍हें कोर्ट के सामने पेश करना होगा।

Related Post

इंडोनेशिया के बाली में फटा ज्वालामुखी, 45 उड़ानें रद्द

Posted by - November 27, 2017 0
इंडोनेशिया। पर्यटन के लिए मशहूर इंडोनेशिया के बाली द्वीप के माउंट अगुंग ज्वालामुखी में लगातार विस्फोट हो रहा है। इससे…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *