नहीं थम रही भीड़ की हिंसा, अलवर में फिर एक शख्स की पीट-पीटकर हत्या

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  • हरियाणा के रहने वाले रकबर खान को गोतस्करी के संदेह में कथित गौरक्षकों ने पीटकर मार डाला

अलवर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह के लगातार निर्देशों और सुप्रीम कोर्ट के चिंता जताने के बावजूद भीड़ की हिंसा पर रोक नहीं लग पा रही है। अब राजस्थान के अलवर में मॉब लिंचिंग का एक नया मामला सामने आया है। यहां गोतस्करी के संदेह में भीड़ ने एक शख्स की पीट-पीटकर हत्या कर दी। इस घटना से अलवर में ही पिछले साल हुए पहलू खान की हत्‍या की याद ताजा हो गई है।

कहां हुई घटना  ?

यह घटना अलवर जिले के रामगढ़ थानाक्षेत्र के लालवंडी गांव की है। मृतक की पहचान हरियाणा के कोलगांव निवासी रकबर खान के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि अकबर अपने साथी के साथ दो गायों को लेकर लालामंडी रामगढ़ से पैदल जा रहा था। तभी रास्ते में कथित गौरक्षकों के साथ ग्रामीणों ने उन्‍हें घेर लिया। इस दौरान रकबर का एक साथी तो भाग निकला, लेकिन रकबर भीड़ के हत्थे चढ़ गया। लोगों ने उसकी जमकर पिटाई की। सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने रकबर को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने फिलहाल इस मामले में दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।

ओवैसी ने केंद्र सरकार पर बोला हमला

एआईएमआईएम के अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इस घटना को लेकर मोदी सरकार पर हमला किया है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, ‘गाय को संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीने का अधिकार है लेकिन एक मुस्लिम को मारा जा सकता है, क्योंकि उनके ‘जीने’ का मौलिक अधिकार नहीं है। मोदी शासन के चार साल – लिंच राज।’

केंद्रीय मंत्री ने दिया अटपटा बयान

केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इस मामले पर अपने बयान में कहा, ‘यह अकेली घटना नहीं है। हम गौरक्षा के नाम पर इस तरह की घटना की निंदा करते हैं, लेकिन हमें यह सोचना होगा इस तरह की घटनाएं आखिर क्यों होती हैं?’ भाजपा शासित राज्यों में मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर मेघवाल ने कहा, ‘जैसे-जैसे प्रधानमंत्री मोदी पॉपुलर हो रहे हैं, इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं। यह सब मोदी जी के पॉपुलर होने से डरकर किया जा रहा है।’ वहीं राजस्थान के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और सरकार कठोर कार्रवाई करेगी।

सुप्रीम कोर्ट ने सरकारों को दिया था सख्त आदेश

बता दें भीड़ द्धारा हत्या के बढ़ते मामलों पर हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने भी चिंता व्यक्त की थी और संसद से भीड़ की हिंसा को रोकने के लिए कानून बनाने को कहा। कोर्ट ने साफ कहा कि भीड़तंत्र की ये घिनौनी हरकतें कानून के राज की धारणा को ही खारिज करती हैं। कोर्ट ने कहा कि समाज में शांति कायम रखना सरकारों का दायित्व है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को सख्त आदेश दिया कि वो संविधान के मुताबिक काम करें। कोर्ट ने इससे संबंधित कुछ गाइडलाइंस भी जारी की थीं और राज्य सरकारों को इसे चार हफ्ते में लागू करने का आदेश दिया था।

पिछले साल यहीं हुई थी पहलू खान की हत्‍या

बता दें कि अलवर में ही पिछले साल गौ रक्षकों की कथित भीड़ ने पहलू खान नाम के शख्स पर हमला कर दिया था। राजस्थान में गाय खरीदने के बाद हरियाणा जा रहे पहलू खान की इस हमले के दो दिन बाद मौत हो गई थी। डेयरी का बिजनेस करने वाले पहलू खान पर हमला करने के 6 आरोपियों को राजस्थान पुलिस ने क्लीनचिट दे दी थी, जबकि 9 अन्य आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मामला चलाए जाने की बात कही थी।

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