सावधान ! आंखों का पानी सुखा देते हैं ये गैजेट्स, हो सकती है रोशनी खत्म

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लखनऊ। आंखों का पानी मर जाने का मतलब है शर्म-हया खत्म हो जाना, लेकिन दुनियाभर में लोगों की आंखों का पानी सूख रहा है। आंखों का पानी सुखा रहे हैं ऐसे गैजेट्स, जिनके बिना हम एक मिनट भी नहीं रह पाते। लंबे अर्से तक गैजेट्स का इस्तेमाल करने से आंखों को गंभीर खतरा पैदा हो रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि इससे आपके आंखों की रोशनी भी जा सकती है।

दुनियाभर में बढ़ रहे हैं मरीज

मोबाइल और लैपटॉप के बिना हमारी जिंदगी जैसे बेमानी हो गई है। हालत ये है कि हर साल दुनिया में ड्राइ आई यानी आंखों का पानी सूख जाने के लाखों मरीज सामने आ रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक, 2018 से 2024 तक आंखों का पानी सूख जाने के मरीजों की तादाद में 4.8 फीसदी की दर से बढ़ोतरी हो सकती है।

लखनऊ में ड्राइ आई के मामले बढ़े

ड्राइ आई का मतलब होता है कि आंखों में आंसू आना बंद होना। इससे आंखें सूख जाती हैं और उनमें जलन और चुभन होने लगती है। लखनऊ के सरकारी अस्पतालों में हर महीने इस मर्ज के 11 हजार से ज्यादा मरीज दिखाने आ रहे हैं। इनमें युवाओं के अलावा छोटे बच्चों की तादाद भी काफी ज्यादा है।

स्मार्टफोन से बढ़ रही है दिक्कत

डॉक्टरों के मुताबिक स्मार्टफोन की वजह से बीते पांच साल में ड्राइ आई के मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है। केजीएमयू के नेत्र रोग विभाग में आने वाले मरीजों में से 40 फीसदी ड्राइ आई के होते हैं। इनमें बच्चों की तादाद ज्यादा है। बच्चों के माता-पिता के मुताबिक, स्मार्टफोन या लैपटॉप पर गेम खेलते रहने या लगातार टीवी देखने की वजह से बच्चों की आंखों में दिक्कत शुरू हुई।

ऐसे होती है ड्राइ आई की समस्या

आमतौर पर आंखों की पलकें एक मिनट में 10 से 15 बार झपकनी चाहिए, लेकिन मोबाइल और कम्प्यूटर की वजह से लोग अपनी पलकें झपकाते ही नहीं हैं। पलकें झपकने से आंखों के कॉर्निया में पानी आता रहता है और आंखें गीली रहती हैं, लेकिन पलकें न झपकाने से कॉर्निया सूखने लगती है। इसे ही ड्राइ आई कहते हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, ड्राइ आई अगर लंबे वक्त तक बनी रहती है, तो इससे आंखों में अल्सर यानी घाव हो जाते हैं। इनकी वजह से जलन और चुभन होती है। इसके अलावा मोबाइल और लैपटॉप पर लगातार काम करने से आंखों की नसें भी सूज जाती हैं।

ड्राइ आई से ऐसे करें बचाव 

  • अपनी पलकों को एक मिनट में 15 बार झपकाएं।
  • आंखों में चुभन या जलन हो तो आई स्पेशलिस्ट को तुरंत दिखाएं।
  • नींद पूरी लेते हों, लेकिन आंखें भारी लगें तो ये ड्राइ आई का लक्षण है।
  • अंधेरे में मोबाइल को लंबे वक्त तक इस्तेमाल न करें।
  • आधे घंटे तक मोबाइल लगातार देखने से आंखों में मेलाटोनिन हार्मोन लेवल गिर जाता है। इससे ड्राइ आई की समस्या होती है।

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