थाईलैंड में गुफा से निकालने के लिए बच्चों को दी गई थी ये दवा, होती है खतरनाक

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लंदन। बीते दिनों थाईलैंड में गुफा में 17 दिन तक फंसे रहे 12 बच्चों को निकाला गया था। ये सभी फुटबॉल खिलाड़ी थे। गुफा से निकालने के लिए बच्चों को एक ऐसी दवा का इंजेक्शन दिया गया, जिससे वे बेहोश हो गए। बच्चों को बेहोश इस वजह से किया गया था कि उन्हें डर न लगे, लेकिन जो दवा उन्हें बेहोश करने के लिए दी गई थी, वो काफी खतरनाक है और भारत समेत तमाम देशों में इस दवा को बैन किया गया है।

इस दवा से किया गया था बच्चों को बेहोश
गुफा से निकाले जा रहे बच्चों को बेहोश करने के लिए केटामाइन नाम की दवा उनके शरीर में इंजेक्ट की गई थी। इस दवा की खासियत ये होती है कि जिसे ये दी जाती है, उसे दर्द नहीं होता, लेकिन वो आधी जागी हुई हालत में होता है। एक दौर में केटामाइन का इस्तेमाल डॉक्टर सर्जरी के दौरान करते थे, लेकिन अब इसका इस्तेमाल बंद कर दिया गया है।

डेट रेप ड्रग बन गया था केटामाइन
तमाम देशों में केटामाइन का इस्तेमाल महिलाओं के खिलाफ अपराधों में किया जाने लगा था। इसे डेट रेप ड्रग की तरह इस्तेमाल किए जाने की तमाम घटनाएं सामने आई थीं। यानी महिला दोस्त को केटामाइन के सहारे बेहोश कर उससे रेप किया जाना। डेट रेप ड्रग के तौर पर केटामाइन के इस्तेमाल का पता चलने पर भारत और ब्रिटेन समेत तमाम देशों में इसे बैन कर दिया गया।

केटमाइन के इस्तेमाल से ये होते हैं खतरे
1962 में इजाद की गई केटामाइन के इस्तेमाल से शरीर को तमाम गंभीर खतरे होते हैं। इस रंगहीन और गंधहीन दवा का इस्तेमाल करने वाले शख्स का दिमाग ठीक से काम करना बंद कर देता है। उसे नींद जैसी आने लगती है। ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। दिल की धड़कनें भी तेज हो जाती हैं। वहीं, शरीर में ज्यादा केटामाइन चला जाए, तो इससे व्यक्ति का लीवर भी नष्ट हो सकता है। अन्य दवा के साथ मिलाकर केटामाइन देने पर संबंधित व्यक्ति की मौत तक हो सकती है।

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