मुस्लिम पक्ष से आया बड़ा बयान, अयोध्या में राम मंदिर बनना तय लग रहा है

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नई दिल्ली/लखनऊ। अयोध्या में राम मंदिर बनने की राह में बड़ी बाधा दूर हो गई है। अब लगने लगा है कि अयोध्या में भगवान राम का मंदिर बनकर रहेगा।

राम मंदिर बनने में बड़ी बाधा दूर
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर के जमीन विवाद का मुकदमा चल रहा है। इस केस की सुनवाई के दौरान शिया वक्फ बोर्ड ने कहा कि वो शांति के लिए जमीन पर से दावा खत्म करने को तैयार है। अदालत में शिया वक्फ बोर्ड के इस बारे में दिए गए हलफनामे से मंदिर बनने की राह में बड़ी अड़चन दूर होती दिख रही है।

शिया वक्फ बोर्ड चीफ ने ये कहा
वहीं, लखनऊ में शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने कहा कि कुछ लोग निहित स्वार्थ के तहत इस मुद्दे को जिंदा रखना चाहते हैं। रिजवी ने कहा कि ऐसे लोग समाज और देश में शांति नहीं चाहते और शिया वक्फ बोर्ड इन लोगों की चाल को नाकाम करने के लिए जमीन को हिंदुओं को सौंपना चाहता है।

शिया और सुन्नी वक्फ बोर्ड का दावा
बता दें कि अयोध्या में विवादित स्थल पर बाबरी मस्जिद थी। जिसे 1992 में ढहा दिया गया था। इस जमीन पर शिया वक्फ बोर्ड के अलावा सुन्नी वक्फ बोर्ड का भी दावा है। शिया वक्फ बोर्ड का कहना है कि बाबर शिया था और ऐसे में जमीन उसकी है। वहीं, सुन्नी वक्फ बोर्ड कहता है कि बाबर सुन्नी था और जमीन इस वजह से उसकी है।

हिंदुओं का क्या है कहना ?
बता दें कि हिंदुओं का कहना है कि विवादित जमीन पर राम जन्मस्थल है। वहां भव्य मंदिर था। जिसमें कसौटी पत्थर के खंभे थे। इस मंदिर को बाबर के सेनापति मीर बाकी ने नेस्तनाबूद कर दिया और मस्जिद तामीर कर दी थी। इस जगह को लेकर काफी वक्त तक हिंदुओं और मुगल सेनाओं में जंग भी होती रही। 1857 में एक बाबा और एक मुस्लिम ने मिलकर जमीन हिंदुओं को देने का समझौता किया, लेकिन अंग्रेजों ने दोनों को फांसी पर चढ़ा दिया और जमीन का विवाद अनसुलजा रह गया।

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