गया में मुस्लिम समुदाय ने पेश की भाईचारे की अनूठी मिसाल

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  • बुद्धपुर गांव में मुसलमानों ने दी मंदिर के लिए जमीन, बनाने के लिए 3.5 लाख रुपये भी दिए

गया। बिहार में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने आपसी भाईचारे और सौहार्द्र की अनूठी मिसाल पेश की है। गया जिले के एक गांव में मुसलमानों ने असल हिन्‍दुस्‍तान की तस्‍वीर पेश करते हुए यहां एक मंदिर बनाने के लिए अपनी जमीन दी और उसे बनवाने में भी सहयोग किया।

अपने हाथों हिंदुओं को खिलाया खाना

बिहार के गया जिले में एक गांव है बुद्धपुर। करीब 60  घरों वाले इस बुद्धपुर गांव में 50 से अधिक घर मुसलमानों के हैं, फिर भी उन्होंने दूसरे मजहब का दिल से सम्मान करते हुए हिंदुओं को मंदिर बनाने के लिए अपनी जमीन दी। सिर्फ जमीन ही नहीं दी, बल्कि देवी का मंदिर बनाने के लिए आर्थिक मदद भी की और 3.5 लाख रुपए दिए। उन्‍होंने बाकायदा पांच दिवसीय यज्ञ में भी बढ़-चढ़कर भाग लिया  और उसके बाद हुए भंडारे में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अपने हाथों से हिंदू परिवारों को खाना खिलाया। उनकी यह सदाशयता मजहब के नाम पर समाज को बांटने वालों पर करारा तमाचा है।

मंदिर निर्माण के लिए हुए यज्ञ में भी मुस्लिम समुदाय ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया

क्‍या था मामला ?

दरअसल, बुद्धपुर गांव में करीब 50 साल पुराना एक मंदिर है, जो अब काफी जर्जर हो चुका है। ये मंदिर गांव के बीचों-बीच है। हिंदू मंदिर को कहीं दूसरी जगह बनवाना चाह रहे थे, लेकिन उन्‍हें जमीन नहीं मिल रही थी। उनकी परेशानी को गांव के मुस्लिम समुदाय के लोगों ने समझा और रास्ता निकालने के लिए पंचायत बुलाई। पंचायत में मुस्लिम समुदाय ने अपनी जमीन पर मंदिर बनाने का फैसला किया। गांव के मो. मंसूर अंसारी ने अपनी जमीन दी तो वहीं उनके चचेरे भाई मोहम्मद मोख्तार ने मंदिर निर्माण के लिए 3.5 लाख रुपये की सहयोग राशि दी। मुस्लिम समुदाय के इस कदम का पूरे क्षेत्र में खुले दिल से स्वागत किया जा रहा है।

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