वैज्ञानिकों ने बनाई अनोखी प्लास्टिक, जितनी बार चाहें कर सकेंगे रिसाइकल

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नई दिल्‍ली। अमेरिकी वैज्ञानिकों ने एक एक ऐसा उन्नत प्लास्टिक बनाने में सफलता पाई जिसे ‘असंख्य’ बार रिसाइकिल किया जा सकता है। उनका कहना है कि इसके बावजूद यह प्‍लास्टिक इतना मजबूत और टिकाऊ है कि सामान्य प्लास्टिक का मुकाबला कर सकता है। बता दें कि फिलहाल दुनिया में जितना प्लास्टिक इस्तेमाल किया जाता है, उसका सिर्फ 5 फीसदी ही रिसाइकिल होता है।

किसने की खोज ?

कोलोराडो स्टेट यूनिवर्सिटी के केमिस्ट्री डिपार्टमेंट के शोधकर्ताओं ने इस अनोखे प्‍लास्टिक की खोज की है। इस रिसर्च रिपोर्ट के मुख्य लेखक केमिस्ट्री डिपार्टमेंट के प्रोफेसर यूजीन चेन ने बताया कि पेट्रोलियम से बने सामान्य प्लास्टिक से अलग इस नए प्लास्टिक की खासियत यह है कि इसे छोटे मॉलिक्यूल वाली वास्तविक अवस्था में बदल कर नया प्लास्टिक बार-बार बनाया  जा सकता है। यह रिपोर्ट साइंस जर्नल में छपी है। प्रोफेसर चेन ने बताया कि हालां‍कि यह रिसर्च फिलहाल केवल लैब में हुआ है। इसे उत्पादन के स्तर तक लाने के लिए अभी बहुत काम करना होगा।

कैसे बनाई यह नई प्‍लास्टिक ?

प्रोफेसर यूजीन चेन ने बताया कि पॉलीमरों को रासायनिक रूप से रिसाइकिल किया जा सकता है और उन्‍हें फिर से इस्तेमाल किया जा सकता है। वैज्ञानिकों ने प्लास्टिक की तरह हल्के, मजबूत, टिकाऊ और तापमान प्रतिरोधी पॉलीमर की खोज की है। इस तकनीक से बेकार प्लास्टिक को पिघला कर शुरुआती मैटीरियल में बदल दिया जाता है और इसके बाद इसे फिर से जमाकर एकदम नया जैसा प्लास्टिक बनाया जाता है। इससे बनाए गए प्लास्टिक को कितनी भी बार इसके वास्तविक अणु की अवस्था में बदलकर दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। पुरानी पीढ़ी के पॉलीमर प्लास्टिक से काफी मुलायम होते थे लेकिन इस पॉलीमर में ऐसी समस्‍या नहीं है। कमरे के तापमान पर और बहुत थोड़ी मात्रा में कैटेलिस्ट (उत्प्रेरक) का प्रयोग कर ही इससे प्लास्टिक बनाया जा सकता है। खास बात यह है कि इसे बनाने में किसी हानिकारक रसायन की जरूरत भी नहीं पड़ती है।

पहले भी बना चुके हैं एडवांस प्‍लास्टिक

प्रोफेसर चेन ने बताया कि उनकी टीम इससे पहले भी 2015 में एडवांस प्लास्टिक बना चुकी है। यह भी पूरी तरह से रिसाइकिल होने वाला प्लास्टिक था, लेकिन वह थोड़ा मुलायम था। उसे बनाने के लिए अत्यंत ठंडे वातावरण की जरूरत पड़ती थी और उस प्लास्टिक की ऊष्मा प्रतिरोधक क्षमता भी बहुत कम थी। हालांकि नए प्लास्टिक में इन सब कमियों को दूर कर लिया गया है।

दुनिया के लिए क्रांतिकारी खोज

साइंस जर्नल की रिपोर्ट में   इस खोज को धरती से प्लास्टिक की समस्या को खत्म करने की दिशा में महत्‍वपूर्ण कदम बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस तरह की प्रगति ऐसी दुनिया की ओर ले जा सकती है, जहां प्लास्टिक को उनके जीवन काल के आखिरी चरण में भी कच्चे माल के रूप में देखा जा सकता है। इसका मतलब यह हुआ कि जब यह प्‍लास्टिक बाजार में आ जाएगी तो इसे कूड़े में फेंकने की जरूरत नहीं पड़ेगी और रिसाइकल के बाद हम चाहे जितनी बार उसका इस्‍तेमाल कर सकेंगे।

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