पत्नी से पीडि़त हैं तो ना हों परेशान, ये आश्रम देगा आपको सहारा

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औरंगाबाद। आपने पतियों द्वारा पीडि़त महिलाओं के बारे में तो सुना होगा, लेकिन महाराष्ट्र के औरंगाबाद के पास एक ऐसा आश्रम खुला है जो पत्‍नी से पीडि़त पुरुषों को सहारा देता है। इस आश्रम का नाम है ‘पत्‍नी पीड़ित पुरुष आश्रम’। इस आश्रम में पत्नियों द्वारा प्रताड़ित पुरुष आश्रय पा सकते हैं। इस आश्रम की स्थापना 19 नवम्बर, 2016 को पुरुष अधिकार दिवस के मौके पर की गई थी।

किसने की आश्रम की स्‍थापना

जानकारी के अनुसार, इस आश्रम की स्थापना एक पत्नी पीड़ित व्‍यक्ति ने ही की है, जिनका नाम है भारत फुलारे। भारत फुलारे किस हद तक अपनी पत्‍नी से पीड़ित हैं, इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि इनके खिलाफ इनकी पत्‍नी ने 147 केस दर्ज करा रखे हैं।

आश्रम में प्रवेश पाने की है अनोखी शर्त

औरंगाबाद के इस पत्‍नी पीडि़त आश्रम में प्रवेश लेने के लिए एक अनोखी शर्त है। वह शर्त यह है कि पति के ऊपर पत्‍नी द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमों की संख्या कम से कम 20 होनी चाहिए।

मप्र में हर माह पत्नियों से पिटते हैं 200 पुरुष

मध्य प्रदेश से एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है जिसमें कहा गया है कि औसतन हर माह 200 पति अपनी पत्नियों के हाथों पिटते हैं।  इसकी शिकायत उन्होंने पुलिस में दर्ज कराई है। मध्य प्रदेश ‘डायल 100’ के जनसंपर्क अधिकारी हेमंत कुमार शर्मा ने यह जानकारी दी है।

सेव इंडियन फैमिलीभी इसी काम में जुटी

इंटरनेशनल संस्था ‘सेव इंडियन फैमिली’ पिछले कई सालों से ऐसे पुरुषों के लिए काम कर रही है, जो झूठे दहेज प्रताड़ना के मामलों में जेल की हवा खाने को मजबूर हैं या अपनी पत्‍नी और पुलिस की प्रताड़ना से दु:खी हैं। इसके वालंटियर दुनियाभर में मौजूद हैं। इस संस्‍था ने पत्‍नी प्रताड़ित पुरुषों के नए आंकड़े जारी किए हैं। इसके मुताबिक,  मध्‍य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के 29.86% फीसदी पुरुष अपनी पत्नियों से दु:खी हैं।

भोपाल में बनाया भाईसंगठन

उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय संस्था ‘सेव इंडियन फैमिली’ इसी मुद्दे को लेकर लंबे समय से लड़ाई लड़ती आ रही है। संस्था लगातार उन प्रदेशों पर फोकस कर रही है, जहां पुरुषों की प्रताड़ना के मामले बढ़ रहे हैं। यही कारण है कि संस्था ने मध्‍य प्रदेश की राजधानी भोपाल के पुरुषों को प्रताड़ना से बचाने ‘भाई’ यानी ‘BHOPAL AGAINST INJUSTICE’  नाम से संगठन की स्थापना भी की है। कुछ महीने पहले जब संस्था के वॉलंटियर यक्ष भोपाल आए थे, तब उन्होंने बताया था, ‘जब भी किसी फैमिली में पारिवारिक कलह होती है  तो तमाम पत्नियां बदले की भावना से पति पर दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज करा देती हैं। चूंकि दहेज प्रताड़ना के मामले में कानून बेहद सख्त है, इसलिए पुरुषों को लंबे समय तक मानसिक और शारीरिक कष्ट उठाने पड़ते हैं।’

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