अब 24 डिग्री से कम पर नहीं चला पाएंगे AC, सरकार लाएगी नियम

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  • AC की डिफॉल्ट सेटिंग 24 डिग्री सेल्सियस करने से हर साल बचेगी 20 अरब यूनिट बिजली

नई दिल्ली। इन दिनों गर्मियों का मौसम है और ज्‍यादातर घरों में एयर कंडीशनर (AC) का इस्तेमाल हो रहा है। AC के इस्‍तेमाल से देश में बिजली की खपत भी बढ़ती है। हालांकि AC का तापमान कितना रखा जाए, इसको लेकर लोगों को ज्‍यादा जानकारी नहीं होती,  इसीलिए सरकार अब इसको लेकर एक नियम लाने पर विचार कर रही है। बिजली मंत्रालय आने वाले समय में एयर कंडीशनर के लिए तापमान का सामान्य स्तर 24 डिग्री नियत कर सकता है। इसके लिए AC की डिफाल्‍ट सेटिंग 24 डिग्री करने की तैयारी है। अगर ऐसा होता है तो देश भर में सालाना 20 अरब यूनिट बिजली की बचत होगी  और इससे लोगों के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।

क्‍या है सरकार की तैयारी ?

बिजली और नवीन एवं नवीकरणीय (new and renewable energy) ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने शुक्रवार (22 जून) को एयर कंडीशन के क्षेत्र में ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देने का अभियान शुरू किया। उन्‍होंने कहा, ‘एयर कंडीशनर में तापमान ऊंचा रखने से बिजली खपत में 6 प्रतिशत की कमी आती है।’ आरके सिंह का कहना है कि ज्‍यादातर वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों, होटल तथा दफ्तरों में तापमान 18 से 21 डिग्री रखा जाता है। यह वास्तव में ऊर्जा की बर्बादी है। ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE) ने इस संदर्भ में एक अध्ययन कराया है और AC का तापमान 24 डिग्री सेल्सियस निर्धारित करने की सिफारिश की है।

सरकार चलाएगी जागरूकता अभियान

मंत्रालय का कहना है कि इस दिशा में शुरुआत करते हुए हवाईअड्डा, होटल, शापिंग मॉल समेत सभी वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों और विनिर्माताओं को परामर्श जारी किया जाएगा। उन्‍हें AC का तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रखने का सुझाव  दिया जाएगा। AC पर लेबल लगाकर ग्राहकों को यह बताने को कहा गया है कि इससे उनके पैसे की बचत होगी और यह सेहत के लिए भी फायदेमंद है। चार से छह महीने के जागरूकता अभियान के बाद लोगों की राय जानने के लिए एक सर्वे किया जाएगा और उसके बाद मंत्रालय इसे अनिवार्य करने पर विचार करेगा।

कैसे होगी बिजली की बचत ?

एयर कंडीशनर बनाने वाली प्रमुख कंपनियों एवं उनके संगठनों के साथ बैठक में ऊर्जा मंत्री ने कहा कि ऊर्जा की बर्बादी को देखते हुए जापान जैसे कुछ देशों में AC का तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रखने के लिए नियम बनाए गए हैं। बीईई का कहना है कि एक अनुमान के अनुसार अभी देश में लगे एसी की क्षमता 8 करोड़ टीआर (टन ऑफ रेफ्रिजरेटर) है जो 2030 तक बढ़कर 25 करोड़ टीआर हो जाएगी। आज जिस रफ्तार से शहरों में लोग AC लगवा रहे हैं, उसको देखते हुए देश में अकेले AC के कारण कुल लोड 2030 तक बढ़कर 200,000 मेगावाट हो जाएगा। हालांकि अगर सभी लोग सरकार के नए नियम को अपनाते हैं तो एक साल में ही 20 अरब यूनिट बिजली की बचत होगी।

सेहत के लिए भी होगा फायदेमंद

हमारे शरीर का सामान्य तापमान 36 से 37 डिग्री सेल्सियस होता है लेकिन वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों, होटल तथा दफ्तरों में AC का तापमान 18 से 21 डिग्री रखा जाता है। यह न केवल तकलीफदेह है बल्कि वास्तव में सेहत के लिए भी नुकसानदायक है। इतने कम तापमान में लोगों को गर्म कपड़े पहनने पड़ते हैं या कंबल का इस्‍तेमाल करना पड़ता है। ट्रेनों में भी कई बार कंबल AC इतना तेज होता है कि कंबल ओढ़ना पड़ता है। अब इसे विडंबना ही कहेंगे कि एक तरफ तो हम AC का इस्‍तेमाल करते हैं और ऊपर से कंबल भी ओढ़ते हैं।

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