ट्रंप की ‘जीरो टॉलरेंस’ पालिसी के विरोध में पत्‍नी मेलानिया भी आईं आगे

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  • अमेरिका में बॉर्डर पर अवैध रूप से आने वाले परिवारों के बच्‍चों को अलग करने का व्‍यापक विरोध
  • ट्रंप प्रशासन के इस कानून के विरोध में रिपब्लिकन और डेमोक्रेट पार्टी के कई सांसद भी साथ में आए

वॉशिंगटन। अमेरिका में माता-पिता से अलग किए जा रहे बच्चों का मुद्दा और गरमा गया है। डोनाल्‍ड ट्रंप प्रशासन की ‘जीरो टॉलरेंस पॉलिसी’ के खिलाफ उनकी रिपब्लिकन पार्टी के कई सांसद और डेमोक्रेट्स साथ हो गए हैं। पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज बुश की पत्‍नी लॉरा और ट्रंप की पत्नी मेलानिया ने भी इस कानून को गलत बताया है। उन्‍होंने इस कानून को खत्‍म करने की मांग की है। ट्रंप प्रशासन के इस कदम की बड़े पैमाने पर मानवाधिकार संगठनों ने भी आलोचना की है।



क्‍या है जीरो टॉलरेंस पालिसी ?

दरअसल सीमा से कई परिवार बिना दस्तावेज के अमेरिका में घुसने की कोशिश करते हैं। इसे रोकने को लेकर अमेरिका ने ‘जीरो टॉलरेंस पॉलिसी’ बनाई है। इसके तहत सजा के तौर पर माता-पिता से उनके बच्‍चों को अलग कर दिया जाता है। अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश करने वालों को हिरासत में ले लिया जाता है और उन पर अमेरिका में आपराधिक मामले दर्ज किए जाते हैं। उन्‍हें हिरासत केंद्रों में रखा जाता है और बच्चों को परिजनों से दूर सुधार गृहों में रखा जाता है।

डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया

ट्रम्प का उनके घर में ही विरोध

अमेरिका की फर्स्‍ट लेडी मेलानिया ट्रंप भी परिवार से बिछड़े बच्‍चों को देखकर बेहद भावुक हो गईं। मेलानिया के ऑफिस की तरफ से बयान आया कि बच्चों को उनके परिवार से अलग करने पर नफरत हो रही है। मेलानिया ने कहा कि वे बच्चों को उनके परिवारों से अलग होते देखना पसंद नहीं करतीं। उन्‍होंने अमेरिकी प्रशासन ने अपील की है कि ये फैसला खत्‍म कर दिया जाना चाहिए। उन्‍होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही दोनों पार्टियां मिलकर अच्छी इमीग्रेशन पॉलिसी बना लेंगी। मेलानिया ने कहा, ‘सारे नियमों का पूरी तरह से पालन होना चाहिए, लेकिन हमें दिल से भी काम लेना चाहिए।’

एक हफ्ते में 2,000 परिवार हुए बच्चों से अलग

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पिछले छह सप्ताह की अवधि के दौरान लगभग 2,000 परिवारों को उनके बच्चों से अलग रखा गया गया। इन रोते-बिलखते विस्‍थापित बच्‍चों को देखकर शायद ही कोई ऐसा होगा, जिसका दिल नहीं पसीजा होगा। बता दें कि ट्रम्प अपने चुनाव अभियान से ही सीमा पार कर अमेरिका आने वाले लोगों की मुखालफत करते रहे हैं। वे अमेरिका-मैक्सिको सीमा पर दीवार बनाने की भी पैरवी कर चुके हैं।

 डेमोक्रेट नेताओं ने भी खोला मोर्चा

अमेरिका के डेमोक्रेट सांसदों ने भी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, कई रिपब्लिकन नेताओं की चुप्पी के खिलाफ रविवार को डेमोक्रेट सांसदों ने न्यूयॉर्क के बाहरी इलाके में स्थित एक सुधार केंद्र का दौरा किया और टेक्सास जाकर सुधार गृहों में रखे गए बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लिया। बताया जा रहा है कि वहां छह साल से कम उम्र के 100 बच्चे देखे गए। दौरा करने के बाद न्यूयॉर्क के प्रतिनिधि एड्रियानो एस्पाइलैट ने कहा, ‘यह अनुचित और असंवैधानिक है।’



जॉर्ज बुश की पत्‍नी लॉरा बुश भी ट्रंप के खिलाफ

जॉर्ज डब्ल्यू बुश की पत्‍नी लॉरा बुश, एक कंजरवेटिव अखबार और कभी ट्रंप के एक सलाहकार भी जीरो टॉलरेंस पॉलिसी को लेकर डेमोक्रेट्स के साथ विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गए हैं। लॉरा ने वॉशिंगटन पोस्ट के एक कॉलम में लिखा, ‘मैं एक सीमावर्ती राज्य में रहती हूं। अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा के लिए किए गए उपायों पर सरकार की तारीफ करती हूं, लेकिन जीरो टॉलरेंस पॉलिसी क्रूर है। इसने मेरा दिल तोड़ दिया।’

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