…तो दूसरी पत्नी और बेटी के बीच विवाद की वजह से भय्यूजी ने दी जान !

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इंदौर।  इंदौर के आध्‍यामिक संत भय्यूजी महाराज की मौत का रहस्य गहराता जा रहा है। हालांकि प्राथमिक जांच में पुलिस ने इसे आत्महत्या का ही मामला बताया है और इसकी वजह घरेलू विवाद से उपजे तनाव को बताया है, लेकिन सवाल उठता है कि ऐसा क्‍या कारण था कि वे इतने तनाव में आ गए थे। हजारों लोगों को उनकी समस्याओं का चुटकियों में हल बताने वाले भय्यूजी महाराज हर शख्स को यह भरोसा दिलाते थे कि निराशा या हताशा मनुष्य जीवन के लिए नहीं है, लेकिन शायद यही भरोसा वे स्वयं को नहीं दे पाए और अपनी जीवनलीला समाप्‍त कर ली।

दूसरी पत्‍नी और बेटी के विवाद से थे दुखी

भय्यूजी महाराज की आत्‍महत्‍या के बाद ये बात सामने आई है कि वे अपनी दूसरी पत्‍नी डॉ. आयुषी और पहली पत्‍नी माधवी से पैदा बेटी कुहू के बीच चल रहे विवाद से टूट गए थे। दर्जनों बार ऐसे मौके आए जब पत्‍नी और बेटी आमने-सामने हो गईं। भय्यूजी ने दोनों के बीच सुलह कराने के लिए हरसंभव प्रयास किए, लेकिन स्थिति सुधरने की बजाय बिगड़ती ही चली गई। बता दें कि बेटी कुहू भय्यूजी की दूसरी शादी से खुश नहीं थी। भय्यूजी महाराज की दूसरी शादी के बाद बेटी ने उनसे दूरी बना ली थी वह पुणे से बहुत कम ही घर (इंदौर) आती थी। मंगलवार को बेटी पुणे से इंदौर आने वाली थी और घर भय्यूजी महाराज को फिर विवाद होने का भय सता रहा था।

सुसाइड नोट में कही थी तनाव की बात

बता दें कि भय्यूजी ने पॉकेट डायरी में डेढ़ पेज का सुसाइड नोट छोड़ा है, जो अंग्रेजी में है। उसमें पारिवारिक कलह का जिक्र करते हुए उन्होंने खुद को बेहद तनाव में होना बताया है। हालांकि उन्होंने सुसाइड के लिए किसी को दोषी नहीं ठहराया है। खुदकुशी के बाद उस कमरे से ये सुसाइड नोट मिला है। उस कमरे से भय्यूजी की लाइसेंसी रिवाल्‍वर भी बरामद हुई है।

दूसरी पत्‍नी व बेटी ने एक-दूसरे पर लगाए आरोप

भय्यूजी महाराज की पत्‍नी और बेटी ने पुलिस को दिए बयान में एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस पूछताछ में बेटी कुहू ने कहा,‘मैं उन्हें (डॉ. आयुषी को) अपनी मां नहीं मानती। उन्हीं की वजह से पिता ने यह कदम उठाया। उन्हें जेल में बंद कर दीजिए।’वहीं, पत्‍नी डॉ. आयुषी ने कहा, ‘कुहू को मैं और मेरी बेटी पसंद नहीं थी, इसलिए बेटी के जन्म के बाद ही मैं अपनी मां के घर रहने चली गई थी। कुहू के पुणे जाने के बाद कुछ दिन पहले ही मैं इंदौर आई थी और पति के साथ बढ़िया से रह रही थी।’

खुदकुशी वाले दिन भी हुआ था विवाद

रिपोर्ट्स के मुताबिक,  बेटी कुहू पुणे से मंगलवार (12 जून) को घर आने वाली थी। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे भय्यूजी महाराज कुहू के कमरे में पहुंचे तो वह अस्त-व्यस्त मिला। इस पर पत्‍नी से कहा कि कुहू आने वाली है। इसे व्यवस्थित क्यों नहीं करवाती हो ? इसको लेकर दोनों के बीच बहस भी हुई। इसके बाद खुद खड़े होकर नौकरों से कमरा साफ करवाया और सफाई होने तक वहीं खड़े रहे। बाद में उसी कमरे में आत्महत्या कर ली।

वेश्याओं के बच्चों को पिता का नाम देने वाले संत भय्यूजी महाराज ने की खुदकुशी

पत्‍नी से ज्‍यादा लेते थे बेटी का पक्ष

यह भी बताया जा रहा है कि भय्यूजी हर बात पर पत्‍नी से ज्यादा बेटी का पक्ष लेते थे। इस पर दोनों में खूब विवाद भी होते थे। इस विवाद को देखकर घर के कर्मचारी सहम जाते थे।  पता चला है कि डॉ. आयुषी ने शादी के कुछ समय बाद जब मकान की पुताई कराई तो उन्होंने कुहू की मां माधवी की सारी तस्वीरें हटवा दीं। जब कुहू पुणे से घर आई और मां की तस्वीरें नहीं दिखीं तो तो हंगामा कर दिया। डॉ. आयुषी और कुहू के बीच खूब कहासुनी हुई। उस वक्त भी भय्यूजी अपनी बेटी के पक्ष में ही खड़े रहे।

एक दिन पहले रेस्‍त्रां में महिला से मिले थे

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भय्यूजी महाराज खुदकुशी करने के 22 घंटे पहले सोमवार (11 जून) को इंदौर के एक रेस्‍त्रां में गए थे। वहां एक महिला ने उनसे मुलाकात थी। रेस्‍त्रां के सीसीटीवी फुटेज से पता चला है कि भय्यूजी वहां लगभग 3 बजे पहुंचे थे और एक घंटे तक रहे। इस दौरान वह महिला भी उनके साथ थी। हालांकि उनके बीच क्‍या बातचीत हुई, इस बारे में जानकारी नहीं मिली है। रेस्‍त्रां के एक कर्मचारी के मुताबिक, दोनों के बीच बातचीत सामान्‍य माहौल में हुई। एक घंटे बाद भय्यूजी रेस्‍त्रां से चले गए।

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