भय्यूजी ने खुदकुशी के पहले सेवादार विनायक के नाम की सारी प्रॉपर्टी

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  • सुसाइड नोट में लिखा –  विनायक संभालेंगे आश्रम, प्रॉपर्टी और बैंक अकाउंट की सारी जिम्मेदारी

इंदौर। भय्यूजी महाराज ने दुनिया को अलविदा कहने से पहले पॉकेट डायरी में सुसाइड नोट भी छोड़ा था। पहले पन्‍ने में खुदकुशी की वजह तनाव को बताया था। इस सुसाइड नोट के दूसरे पन्‍ने में उन्‍होंने अपने आश्रम, प्रॉपर्टी और वित्‍तीय शक्‍तियों की सारी जिम्‍मेदारी अपने वफादार सेवादार विनायक को सौंप दी है।

क्‍या लिखा है सुसाइड नोट में ?

सुसाइड नोट का ये दूसरा पन्‍ना बुधवार (13 जून) को सबके सामने आया। इस पन्‍ने पर भय्यूजी महाराज ने लिखा है, ‘विनायक मेरे विश्वासपात्र हैं, सब प्रॉपर्टी इंवेस्टमेंट वहीं संभाले। किसी को तो परिवार की ड्यूटी करनी जरूरी है, तो वही करेगा। मेरे फाइनेंस, प्रॉपर्टी और बैंक अकाउंट की सारी जिम्मेदारी विनायक की होगी। मुझे उस पर विश्वास है। मैं कमरे में अकेला हूं और सुसाइड नोट लिख रहा हूं। किसी के दबाव में आकर नहीं लिख रहा हूं, कोई इसके लिए जिम्मेदार नहीं है। यह किसी प्रेशर में आकर नहीं लिख रहा हूं।’

कौन हैं विनायक ?

विनायक मूलतः महाराष्ट्र के अहमदनगर के रहने वाले हैं। वह करीब दो दशक पहले महाराष्ट्र से इंदौर आए थे। कुछ दिन इंदौर में गुजारने के बाद वहां रहने वाले सम्‍मानित लोगों की मदद से भय्यूजी महाराज के साथ जुड़ गए। विनायक ने अपने काम करने के तरीके और सादगी से भय्यूजी महाराज का विश्वास जीत लिया और थोड़े ही दिनों में वह भय्यूजी महाराज के सबसे भरोसेमंद लोगों में शुमार हो गए। असल में विनायक के पहले एक अन्य व्यक्ति भय्यूजी की सारी जरूरतों का ख्याल रखता था। शादी के बाद उसने महाराज से दूरी बनाई तो भय्यूजी महाराज ने विनायक को सारी जिम्मेदारी सौंप दी।

…तो दूसरी पत्नी और बेटी के बीच विवाद की वजह से भय्यूजी ने दी जान !

विनायक पर था भय्यूजी को पूरा भरोसा

विनायक पर भय्यूजी महाराज को इतना विश्‍वास हो गया था कि उनकी जिंदगी से जुड़ी हर बात विनायक को पता होती थी। उनके हर फैसले में विनायक शामिल होते थे। भय्यूजी महाराज को नजदीक से जानने वाले लोग बताते हैं कि कहीं निवेश करने की बात हो या किसी को आर्थिक मदद देने की या किसी प्रोजेक्ट पर खर्च होने वाली धनराशि और दान की, विनायक को हर बात की जानकारी होती थी। बता दें कि भय्यूजी ने मंगलवार को जब खुद को रिवाल्‍वर से गोली मारकर खुदकुशी की थी, उस वक्त भी घर में भय्यूजी की बुजुर्ग मां के अलावा विनायक ही मौजूद थे।

बेटी कुहू का भी खयाल रखते थे

भय्यूजी की पहली पत्‍नी माधवी की मौत के बाद बेटी कुहू की जरूरतों का सारा खयाल भी विनायक ही रखते थे। कुहू पुणे में रहकर पढ़ाई कर रही थी, उसे वहां किसी तरह की कोई दिक्कत न हो, इसकी जिम्‍मेदारी भी भय्यूजी ने विनायक को सौंप रखी थी। भय्यूजी को विनायक पर इतना भरोसा था कि उन्हें आने वाले सारे फोन भी पहले वही अटेंड करते थे। हालांकि, पारिवारिक तनाव की वजह से पिछले दो-तीन दिन से भय्यूजी फोन पर खुद ही बात कर रहे थे।

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