मुलाकात पर किम ने ट्रंप से कहा – ‘नाइस टू मीट यू प्रेसिडेंट’

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  • अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप से 50 मिनट तक चली किम जोंग उन की पहली मुलाकात

सिंगापुर। एक-दूसरे को खुले तौर पर परमाणु युद्ध और सबक सिखाने की धमकी देने के बाद दुनिया के दो बड़े नेताओं ने मंगलवार (12 जून) को सारी दूरियां मिटाकर एक-दूसरे से हाथ मिलाया। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के प्रमुख किम जोंग उन ने सिंगापुर के सेंटोसा द्वीप में मुलाकात की। पहले दौर की बातचीत के बाद अब दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक चल रही है।

दोनों नेताओं ने 50 मिनट तक की बातचीत

सेंटोसा द्वीप के कैपेला रिजॉर्ट में दोनों नेताओं के बीच पहले दौर की मुलाकात करीब 50 मिनट तक चली। इस मुलाकात को कई मायनों में ऐतिहासिक माना जा रहा है। अमेरिका का कोई सिटिंग राष्ट्रपति पहली बार किसी उत्तर कोरियाई नेता से मिला है। वहीं दूसरी तरफ सत्ता संभालने के 7 साल बाद किम जोंग उन पहली बार इतनी लंबी विदेश यात्रा पर कहीं आए हैं।

ट्रंप बोले, अच्‍छी रही मुलाकात

भारतीय समय के अनुसार सुबह करीब 6.30 बजे दोनों नेता अपने-अपने होटल से सेंटोसा द्वीप पहुंचे। डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन ने मुलाकात के समय करीब 12 सेकंड तक हाथ मिलाया। दोनों ने फोटो खिंचवाए और फिर दोनों नेता रिजॉर्ट के अंदर गए। अंदर जाते वक्त दोनों हंसते हुए नजर आए। करीब 50 मिनट तक चली बातचीत के बाद ट्रंप ने कहा, ‘किम के साथ मुलाकात बहुत अच्छी रही। हम दोनों के बीच बेहतर रिश्ते हैं। हम उत्तर कोरिया का ध्यान रखेंगे।’ ट्रंप ने उम्मीद जताते हुए कहा, ‘यह शिखर वार्ता ‘जबरदस्त सफलता’ वाली होगी। आगे हमारे रिश्ते बेहद शानदार होंगे, इसमें मुझे कोई संदेह नहीं है।’ वहीं किम ने कहा, ‘इस बैठक की राह में कई ‘रोड़े’ थे। हमने उन बाधाओं को पार किया और आज हम यहां हैं।’

6 महीने से चल रही थीं मुलाकात की कोशिशें

बता दें कि दोनों नेताओं के बीच मुलकात के लिए पिछले 6 महीने से कोशिशें हो रही थीं। बीच में कई बार ऐसा लगा कि दोनों नेता शायद ही मिल पाएं। ट्रंप ने तो एक बार मुलाकात रद्द भी कर दी थी, लेकिन इसके बावजूद किम ने उम्मीद नहीं छोड़ी। गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति आइजनहॉवर (1953) से लेकर बराक ओबामा तक 11 अमेरिकी राष्ट्रपतियों ने उत्तर कोरिया का मसला सुलझाने की कोशिश की, लेकिन उन्‍हें सफलता नहीं मिली।

सिंगापुर के सेंटोसा द्वीप के कैपेला रिजॉर्ट में डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग उन

क्‍या है इस बैठक का मकसद ?

दोनों नेताओं की इस बैठक का मकसद परमाणु निरस्त्रीकरण है। यदि किम परमाणु निरस्त्रीकरण की तरफ बढ़े, तो यह ट्रम्प की जीत मानी जाएगी। अगर ऐसा होता है तो अमेरिका, उ. कोरिया से आर्थिक प्रतिबंध हटा सकता है। यही नहीं, अमेरिका वहां मौजूद अपने 23 हजार सैनिकों को भी वापस बुला सकता है। बता दें कि उत्तर कोरिया ने पिछले दिनों अपने परमाणु कार्यक्रम को रद्द कर दिया था और परीक्षण साइट तक खत्म कर दी थीं।

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