मानव तस्करी के संदेह में बस्ती आरपीएफ ने 13 किशोरियों को पकड़ा

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  • लुधियाना के निष्‍काम सेवा आश्रम आध्‍यात्मिक शिक्षा लेने जा रही थीं किशोरियां, इनमें 9 नाबालिग
  • किशोरियों की गिरफ्तारी से गांववाले स्‍तब्‍ध, आरपीएफ और सिविल पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल     

शिवरतन कुमार गुप्ता राज़

महराजगंज। जिले के पनियरा थानाक्षेत्र के खजुरियां गांव से आध्यात्मिक शिक्षा लेने ट्रेन से निष्काम सेवा आश्रम, लुधियाना जा रहीं 13 युवतियों को मानव तस्करी के संदेह में शनिवार (09 जून) को बस्ती आरपीएफ ने पकड़ लिया। सभी किशोरियों को बस्‍ती आरपीएफ ने रेलवे स्‍टेशन पर उतार लिया। हालांकि बताया जा रहा है कि ये सभी किशोरियां लुधियाना के निष्‍काम सेवा आश्रम में आध्‍यात्मिक शिक्षा ग्रहण करने जा रही थीं। इनमें से 9 लड़कियां नाबालिग हैं। किशोरियों के अभिभावकों को सूचना देने के बाद बस्ती आरपीएफ ने इन सभी को चाइल्ड लाइन और महिला हेल्पलाइन के सुपुर्द कर दिया।

लुधियाना के निष्‍काम सेवा आश्रम जा रही थीं किशोरियां

विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सभी किशोरियां शनिवार सुबह गोरखपुर-लखनऊ इंटरसिटी (12531 अप) से यात्रा कर रहीं थीं। इनकी उम्र 5 से लेकर 20 वर्ष के बीच है। उनके साथ दो पुरुष धर्मवीर निवासी लखरैयां (सराय खुटहा) थाना कोतवाली और राजेन्द्र निवासी खजुरियां थाना पनियरा थे जो उन्‍हें अपने साथ लुधियाना के निष्काम सेवा आश्रम ले जा रहे थे। किशोरियों ने बताया कि वे निष्काम सेवा आश्रम, लुधियाना में स्वामी निष्काम जी से आध्यात्मिक ज्ञान अर्जित करने जा रही थीं। हालांकि पुलिस का कहना है कि सत्‍संग के बहाने उन्‍हें लुधियाना ले जाया जा रहा था।

महिला एस्‍कॉर्ट की कांस्टेबल ने आरपीएफ को दी सूचना

ट्रेन के एक ही कोच में 13 किशोरियों को यात्रा करते देख महिला एस्‍कॉर्ट की कांस्टेबल मीना ने आरपीएफ बस्ती पोस्ट को मैसेज पास किया। मैसेज मिलते ही इंस्पेक्टर नरेंद्र यादव, कांस्टेबल इंद्रजीत गिरी, शेरबहादुर प्रजापति और महिला कांस्टेबल रीना वर्मा बस्ती स्टेशन पहुंच गए और ट्रेन से सभी 13 युवतियों को और उनके साथ यात्रा कर रहे दो पुरुषों को नीचे उतार लिया। सभी किशोरियां महराजगंज जिले की हैं। आरपीएफ ने उन्‍हें ट्रेन से उतारने के बाद चाइल्‍ड लाइन और महिला हेल्पलाइन के सुपुर्द कर दिया।

परिजनों को सौंपी गईं किशोरियां

बाल कल्याण समिति बस्ती के निर्देश पर सभी किशोरियों को अपने साथ लेकर चाइल्ड लाइन की टीम शनिवार की देर शाम महराजगंज के लिए रवाना हो गई। रविवार (10 जून) दोपहर परिजनों के पहुंचने और सारे साक्ष्य देखने के बाद सभी किशोरियों को उनके परिवारीजनों के सुपुर्द कर दिया गया। उधर, किशोरियों की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही गांव के सभी लोग स्तब्ध रह गए। पूरे दिन सिर्फ एक ही चर्चा होती रही कि पुलिस ने बिना सोचे-समझे गलत सूचना के आधार पर आध्यात्मिक शिक्षा लेने जा रही किशोरियों को परेशान किया।

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