चीन में यूएस डिप्‍लोमैट्स पर सोनिक अटैक ! अमेरिका ने वापस बुलाया

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  • अमेरिकी राजनयिकों ने की थी अजीब आवाजें सुनाई देने के बाद तबीयत खराब होने की शिकायत
  • दो साल पहले क्‍यूबा में भी अमेरिकी राजनयिकों के साथ सामने आ चुका है इसी तरह का मामला

वॉशिंगटन। चीन में अमेरिकी राजनयिकों को रहस्यमयी बीमारी की शिकायत के बाद अमेरिका ने उन्हें वापस बुला लिया है। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, चीन के ग्वांगझू में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के राजनयिकों ने शिकायत की है कि उन्हें अपने आवास में अजीब तरह की आवाजें सुनाई दीं और इसके बाद सिर में तेज दर्द होने लगा। कई लोगों ने बेहोशी की भी शिकायत की। इसके बाद अमेरिका ने बुधवार (6 जून) को दो राजनयिकों को वापस बुला लिया है।

राजनयिकों ने क्‍या की थी शिकायत?

दरअसल, कुछ ही दिन पहले चीन के ग्वांगझू स्थित अमेरिकी काउंसलेट के कुछ अधिकारियों और उनके परिवारवालों ने शिकायत की थी कि उन्हें अजीबोगरीब आवाजें सुनाई दे रही हैं। ज्यादातर डिप्लोमैट्स ने अपने कानों और दिमाग में इन आवाजों की वजह से अजीब सी सनसनाहट महसूस होने की शिकायत की। अफसरों का कहना है कि उन्हें किसी कीड़े, धातु के टकराने और अजीब पत्थरों के घिसने जैसी आवाजें सुनाई दे रही थीं। इसके बाद उन्‍होंने सिरदर्द और बेहोशी की शिकायत की।

पिछले महीने सामने आया पहला मामला

चीन में अमेरिकी राजनयिकों के बीच यह रहस्यमय बीमारी फैलने का पहला मामला पिछले महीने ही सामने आया था। इसके बाद चीन सरकार ने अजीब लक्षण दिखने पर बाकी कर्मचारियों की तुरंत मेडिकल जांच कराने के निर्देश दिए थे। हालांकि चीन के अनुसार जांच में कुछ भी अस्‍वाभाविक नहीं मिला था।

मेडिकल टीम ने की जांच

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हीथर नॉर्ट का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद मंत्रालय ने ग्‍वांगझू में मेडिकल टीम भेजी। वह अमेरिकी सरकार के सभी कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों की मेडिकल जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि मेडिकल जांच के दौरान ही विदेश मंत्रालय ने दो लोगों को आगे की जांच और इलाज के लिए अमेरिका वापस बुलाया है। अभी ये स्‍पष्‍ट नहीं है कि कितने लोग इस परेशानी से पीड़ित हैं।

अमेरिका ने सोनिक हमले की जताई आशंका

रिपोर्ट के अनुसार, अभी तक ये स्‍पष्‍ट नहीं हो पाया है कि अमेरिकी अधिकारियों पर यह हमला किसी साजिश के तहत हुआ था। हालांकि दावा किया जा रहा है कि ये एक सोनिक हमला है। कई जांचकर्ताओं ने इसके पीछे सुपरसोनिक आवाजों को इस्तेमाल करने का दावा किया है। बता दें कि सुपरसोनिक आवाजें आमतौर पर साधारण इंसान की सुनने की क्षमता से ज्यादा होती हैं। इनसे कानों को नुकसान हो सकता है। इसे एक खास डिवाइस के जरिए उत्‍पन्‍न किया जाता है। अब अमेरिकी मेडिकल एक्सपर्ट यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह वास्तव में सुपरसोनिक जेट्स की आवाज है या कोई साजिश है, जो अमेरिकी अफसरों के खिलाफ चीन में रची जा रही है।

क्यूबा में भी सामने आया था ऐसा ही मामला

गौरतलब है कि दो साल पहले 2016 में क्यूबा की राजधानी हवाना में स्थित अमेरिकी दूतावास के कुछ अधिकारी और उनके परिवारवालों ऐसे ही लक्षणों के साथ बीमार पड़ना शुरू हो गए थे। उस वक्त करीब 24 लोगों ने अजीब आवाजों की वजह से सिरदर्द, घबराहट और बहरेपन जैसी समस्याओं की शिकायत की थी। इस मामले के सामने आने के बाद अमेरिका ने बिगड़ते रिश्तों की वजह से क्यूबा के डिप्लोमैट्स को देश से निकाल दिया था। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने एक बयान में कहा कि ग्वांगझू में फैली बीमारी के लक्षण काफी हद तक क्यूबा में फैली बीमारी जैसे ही हैं। हालांकि, उन्होंने इसके कारण के बारे में बताने से इनकार कर दिया।

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