बेनामी संपत्ति पर इनाम : ‘मुखबिर’ ही सबकुछ बता देगा तो विभाग क्या करेगा !

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  • केंद्र सरकार की इस योजना में हैं ऐसे-ऐसे प्रावधान कि इसके परवान चढ़ने पर ही लगा प्रश्‍नचिह्न 

सरकार ने ऐलान किया है कि विदेशों में कालेधन की जानकारी देने पर 5 करोड़, बेनामी संपत्ति पर 1 करोड़ और इनकम टैक्‍स चोरी की सूचना देने पर 50 लाख रुपये तक का इनाम मिलेगा। इतना तो ठीक है, लेकिन इनकम टैक्स विभाग की वेबसाइट पर जा कर अगर आप मुखबिरी वाले फॉर्म को पढ़ें तो सिर चकरा जाएगा। वजह ये है कि बेनामी संपत्ति या आयकर चोरी की जानकारी देने वाले से ऐसी-ऐसी जानकारियां मांगी गई हैं जो अपने आप में कम्पलीट जांच है। कुछ प्रावधान तो ऐसे हैं, जिनके लिए सूचना देने वाले को डिटेक्टिव भी बनना पड़ेगा। बेनामी ट्रांजेक्शंस इनफॉर्मेंट्स रिवार्ड स्कीम  और इनकम टैक्स इनफॉर्मेंट्स रिवार्ड स्कीम के बारे में बता रहे हैं धर्मेन्‍द्र त्रिपाठी

काला धन, बेनामी संपत्ति और टैक्‍स चोरी से जुड़ी जानकारी आईटी को देने के लिए आपको संबंधित व्‍यक्ति की जानकारी दस्‍तावेजों के साथ देनी होगी। इसके लिए इनकम टैक्स विभाग ने 4 पन्ने का एक फॉर्म जारी किया है, जिसमें संबंधित जानकारी भरनी होगी। यह फॉर्म आप IT की वेबसाइट या उसके ऑफिस से भी ले सकते हैं।

खुद के बारे में भी देनी होगी जानकारी

जानकारी देने वाले को इस फॉर्म में सबसे पहले तो अपना आधार कार्ड और पर्सनल अकाउंट नंबर बताना होगा। इसी अकाउंट में इनाम की धनराशि भेजी जाएगी। इसके अलावा आपको अपनी जन्‍म तिथि, स्‍थानीय व स्‍थायी पता, मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी भी आईटी को बतानी होगी। काला धन, बेनामी संपत्ति की जानकारी आपको कैसे और कहां से मिली, यह भी बताना जरूरी है।

संबंधित व्‍यक्ति की भी देनी होगी पूरी डिटेल

काला धन, बेनामी संपत्ति या इनकम टैक्‍स चोरी के बारे में जिस व्‍यक्ति से संबंधित सूचना आप आईटी विभाग को देंगे, उसकी पूरी डिटेल भी आपको ही देनी होगी। मसलन, बेनामी संपत्ति की पूरी जानकारी, उसने कब-कब ट्रांजेक्‍शन किया, कितनी धनराशि का ट्रांजेक्‍शन किया, किसने इस धनराशि का भु्गतान किया, कैसे भुगतान किया, किसको भु्गतान किया और इससे संबंधित कोई और जानकारी अगर हो तो वो आपको  मुहैया करानी होगी। यही नहीं, इसके अलावा बेनामी संपत्ति के मामले में लाभार्थी कौन है, उसका नाम और पता भी आपको ही बताना पड़ेगा।

कौन-कौन दे सकता है जानकारी ?

इस योजना के तहत सरकारी कर्मचारी को छोड़कर कोई भी व्‍यक्ति इस तरह की जानकारी दे सकता है। उम्र की कोई सीमा नहीं है। विदेश में बैठा व्‍यक्ति भी निर्धारित फॉर्म भरकर पोस्ट या ईमेल ([email protected]) के जरिए जानकारी भेज सकता है। विदेश में रहने वाले व्‍यक्ति को अपने पासपोर्ट का नंबर भी बताना होगा।

कैसे मिलेगा इनाम का पैसा ?

आयकर विभाग जानकारी देने वाले को इनाम दो हिस्‍सों में देगा। पहला हिस्‍सा होगा अंतरिम रिवार्ड और दूसरा फाइनल रिवार्ड। सूचना देने के बाद प्राथमिक जांच में अगर वह सही पाई जाती है तो 4 महीने के अंदर अंतरिम अवार्ड मिल जाएगा।

अंतरिम अवार्ड में कितना मिलेगा पैसा ?

  • बेनामी इनकम या अचल संपत्ति के मामले में अंतरिम अवार्ड 1% तक मिलेगा। इसमें अधिकतम धनराशि 10 लाख रुपये होगी।
  • 1 करोड़ से ज्यादा की बेनामी इनकम या संपत्ति होने पर यह रकम उसकी 1% या अधिकतम 15 लाख रुपये होगी।
  • विदेशी काले धन की सूचना देने पर 3% तक (अधिकतम 50 लाख रुपये) अंतरिम अवार्ड मिलेगा।

 कब मिलेगा फाइनल रिवार्ड ?

जांच पूरी हो जाने और संबंधित व्‍यक्ति के खिलाफ कार्रवाई होने के 6 महीने के अंदर सूचना देने वाले को फाइनल अवार्ड दिया जाएगा। लेकिन इसके लिए भी 3 शर्तें हैं –

  • बेनामी इनकम या अचल संपत्ति दोनों में से किसी एक की जानकारी देने पर रिकवर अमाउंट का 5% (या अधिकतम 50 लाख रुपये)।
  • दोनों की जानकारी एक साथ देने पर अधिकतम 1 करोड़ रुपये तक।
  • ब्लैक मनी के केस में यह रकम 10% (या अधिकतम 5 करोड़ रुपये) होगी।

कब नहीं मिलेगा इनाम ?

  • यदि दी गई जानकारी इनकम टैक्स के पास पहले से ही मौजूद है।
  • अगर आप खुद की बजाय संबंधित शख्स के बारे में किसी संस्था से जानकारी लेकर आईटी विभाग को देते हैं।
  • अगर आपने इनकम टैक्स को दी गई जानकारी किसी मीडिया या दूसरे संस्थान से भी साझा कर दी है।

इस योजना से जुड़ी कुछ और अहम बातें –

  • आईटी विभाग आपके द्वारा दी गई जानकारी की जांच करेगा, लेकिन इसकी कोई समय सीमा निर्धारित नहीं है। वह चाहे जितना समय लगा सकता है।
  • अगर मामला कोर्ट पहुंच गया तो कोर्ट के फैसले के बाद ही इनाम की धनराशि मिलेगी।
  • सूचना देने वाले की पहचान गुप्‍त रखी जाएगी। आपको इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की तरफ से एक कोड दिया जाएगा, जिसके जरिए ही आप बातचीत कर सकेंगे।
  • चूंकि इनाम में मिली धनराशि आपकी आय मानी जाएगी, इसलिए उस पर टैक्स लगेगा।
  • अगर आपके द्वारा दी गई सूचना/स्टेटमेंट/सबूत गलत पाए जाते हैं तो खबर देने वाले पर मुकदमा चलाया जा सकता है।
  • आपने जो सूचना दी है, वो आईटी की सभी शर्तों को पूरा करती है लेकिन इसके बाद भी आईटी विभाग अगर इनाम की धनराशि नहीं देता है तो आप कोर्ट जा सकते हैं।

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