गूगल प्ले स्टोर से हटने के बाद भी ‘किंभो’ नाम से कई ऐप मौजूद

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  • बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड ने लांच किया था यह ऐप, 24 घंटे में ही हटाया

लखनऊ। योग गुरु बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड ने व्हाट्सऐप को टक्‍कर देने के लिए बुधवार (30 मई) को गूगल प्‍ले स्‍टोर पर एक इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप ‘किंभो’ लॉन्च किया था। हालांकि इसके 24 घंटे के भीतर ही पतंजलि ने यह ऐप वापस भी ले लिया था। लेकिन आपको बता दें कि ‘किंभो’ और इसी से मिलते-जुलते नाम वाले दो दर्जन से अधिक ऐप आज भी गूगल प्‍ले स्‍टोर पर मौजूद हैं।

किस-किस नाम से प्‍ले स्‍टोर पर हैं ऐप ?

अब जो लोग गूगल प्ले स्टोर पर पतंजलि का ‘किंभो’ ऐप ढूंढ़ रहे हैं, उन्‍हें वह वहां नहीं मिल रहा है, लेकिन इसी नाम से अब भी कई ऐप गूगल स्टोर पर उपलब्ध हैं। जैसे – ‘किंभो’, ‘किंभो चैटिंग ऐप’, ‘किंभो ऐप’, ‘किंभो टेक’, ‘किंभो मैसेजिंग ऐप’, ‘किंभो न्‍यूज’ इत्‍यादि। कुछ ऐप पर तो बाकायदा बाबा रामदेव की फोटो भी है और ऐप के साथ उनकी टैग लाइन भी लिखी है – ‘अब भारत बोलेगा’। ‘किंभो’ नाम के ये सभी ऐप अलग-अलग डेवलपर के नाम से हैं।

पतंजलि ने क्‍यों हटाया ऐप ? 

पतंजलि ‘किंभो’ ऐप को व्हाट्सऐप के ‘स्वेदशी’  विकल्प के तौर पर पेश करना चाहती है। हालांकि,  एंड्रॉयड और आईओएस प्लेटफॉर्म पर लाए गए इस ऐप को कई जानकारों ने बेहद असुरक्षित करार दिया। एक फ्रेंच सिक्योरिटी रिसर्चर ने तो इस ऐप को सिक्योरिटी के नाम पर मज़ाक तक बता दिया था। उन्होंने दावा किया है कि वे आसानी से सभी यूजर्स के मैसेज को पढ़ पा रहे थे।  एक और ट्विटर यूज़र ने दावा किया कि यह ओरिजिनल एप नहीं है, बल्कि इस नए ऐप को ‘बोलो’ नाम के अमेरिकन ऐप पर बनाया गया है। बताया जा रहा है कि पतंजलि के ‘किंभो’ ऐप को हटाने के पीछे सुरक्षा संबंधी ये कारण भी हैं।

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