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परमाणु’ : फिल्‍म देखकर होता है भारतीय होने का गर्व

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  • हमारे देश के वैज्ञानिकों और BARC और DRDO जैसी संस्थाओं की मेहनत को दर्शाती है यह फिल्‍म

लखनऊ। बॉलीवुड एक्टर जॉन अब्राहम की काफी दिनों बाद कोई फिल्म आई है ‘परमाणु’।  शुक्रवार को रिलीज हुई उनकी फिल्म ‘परमाणु’ की कहानी 1998 में भारत द्वारा किए गए दूसरे पोखरण परमाणु परीक्षण पर आधारित है। इस फिल्म में जॉन अब्राहम के अलावा डायना पेंटी की भी अहम भूमिका है। वह पहली बार कैप्‍टन की भूमिका में नजर आई हैं। फिल्म का निर्देशन अभिषेक शर्मा ने किया है। वह इसके पहले ‘तेरे बिन लादेन’ जैसी फ़िल्में बना चुके हैं।

इस फिल्‍म की सबसे खास बात यह है कि इसके सभी कलाकारों ने अपनी फ़ीस में कटौती की है। जब जॉन अब्राहम से इसका कारण पूछा गया था तो उन्‍होंने कहा था कि फिल्म की फीस को सभी ने इसलिए कम लिया क्योंकि यह फिल्म हमारे देश के वैज्ञानिकों और BARC और DRDO जैसी संस्थाओं की मेहनत को दर्शाती हैl

कहानी :

फिल्म की कहानी 1995 से शुरू होती है। प्रधानमंत्री के ऑफिस में चीन के परमाणु परीक्षण के बारे में चर्चा चल रही है। उसी वक़्त प्रधानमंत्री के ऑफिस में तैनात IAS ऑफिसर अश्वत रैना (जॉन अब्राहम) भारत को भी एक न्यूक्लियर पावर बनने की सलाह देते हैं। उनकी बात प्रधानमंत्री तक पहुंचाई तो गई, लेकिन किन्हीं कारणों से परीक्षण सफल नहीं हो पाया। इसके बाद अमेरिका इस मामले में हस्तक्षेप करता है। बाद में कुछ कारणों से अश्वत रैना को उनके पद से बर्खास्त कर दिया जाता है। अश्‍वत के परिवार में उनकी पत्नी सुषमा (अनुजा साठे) माता-पिता और एक बेटा प्रह्लाद भी है।

कुछ समय बाद अश्वत का परिवार मसूरी शिफ्ट हो जाता है। करीब 3 साल बाद जब प्रधानमंत्री के सचिव के रूप में हिमांशु शुक्ला (बोमन ईरानी) की एंट्री होती है तो देश में एक बार फिर परमाणु परीक्षण की बात चलने लगती है। हिमांशु इसी दौरान अश्वत को खोज निकालता है। अब ये तो फिल्म देखकर ही आपको पता चलेगा कि अश्वत के सामने आने के बाद आगे क्या होता है।

फिल्म ‘परमाणु’ के लिए ऐसे सेट बनवाए गए हैं, जिनसे दृश्यों को असली जैसा दिखाया जा सके। फिल्‍म में जीवंतता लाने के लिए कई दृश्‍यों की शूटिंग उनके असल लोकेशन पर की गई है।

फिल्म का डायरेक्शन, सिनेमेटोग्राफी और लोकेशन काफी जबरदस्त है। फिल्‍म के कुछ दृश्‍य काफी प्रभावित बन पड़े हैं और रोमांचित करते हैं। फिल्म में 90 के दशक के जो भी फुटेज दिखाए गए हैं, वे असलियत के काफी करीब हैं। अभिनय की बात करें तो फिल्म में सभी कलाकारों की एक्टिंग जबरदस्त है। जॉन अब्राहम अपनी गंभीर भूमिका में दर्शकों पर अपना प्रभाव छोड़ने में सफल रहे हैं। फिल्म का म्यूजिक कोई ख़ास नहीं है, हालांकि फिल्म के विषय के लिहाज से देखें तो यह ठीक ही है।

स्टार कास्ट : जॉन अब्राहम, बोमन ईरानी, डायना पेंटी, विकास कुमार, योगेंद्र टिक्कू, दर्शन पांडेय, अनुजा साठे

रेटिंग : 4 स्टार

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