केरल में नीपा वायरस का आतंक, अब तक 9 की मौत, केंद्र ने भेजी टीम

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तिरुवनंतपुरम। केरल के कोजीकोड जिले में नीपा वायरस से अब तक 9 लोगों की मौत के बाद आतंक पसर गया है। केंद्र सरकार ने नीपा से हो रही मौतों को देखते हुए डॉक्टरों की एक टीम केरल भेजी है। ये टीम वायरस का प्रभाव रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों में राज्य की पिनरई विजयन सरकार की मदद करेगी।

क्या है नीपा वायरस ?
विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, नीपा वायरस को एनआईवी भी कहा जाता है। इससे सांस लेने में तकलीफ और इंसेफेलाइटिस की गंभीर अवस्था हो जाती है। कोजीकोड में इस वायरस से पीड़ित दो और लोगों की हालत गंभीर होने की जानकारी मिली है। बता दें कि नीपा वायरस सिर्फ इंसानों पर ही असर नहीं करता, सुअर और अन्य पालतू पशुओं पर भी इसका असर देखा जाता है। इस वायरस से बचने का अब तक कोई टीका नहीं बन सका है। पीड़ित मरीजों को इंटेंसिव केयर यूनिट्स में दाखिल कराना पड़ता है।

सांसद ने मांगी थी केंद्र से मदद
इससे पहले रविवार को लोकसभा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुलापल्ली रामचंद्रन ने नीपा वायरस से निपटने के लिए केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की थी। रामचंद्रन ने लिखा था कि नीपा वायरस काफी खतरनाक है और कोजीकोड के तमाम हिस्सों में लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को भेजी चिट्ठी में रामचंद्रन ने लिखा था कि नीपा वायरस की चपेट में उनके संसदीय क्षेत्र वटकरा के कुट्टीयाडी और पेरम्ब्रा पंचायत के लोग आए हैं।

नीपा है या जूनोटिक ?
तमाम डॉक्टर इसे नीपा वायरस का अटैक बता रहे हैं। वहीं रामचंद्रन के मुताबिक कई डॉक्टरों का मानना है कि ये जूनोटिक वायरस का अटैक है। रामचंद्रन के अनुसार, वायरस चाहे जो भी हो, लेकिन ये लोगों की मौत की बड़ी वजह बन रहा है। अपनी चिट्ठी में रामचंद्रन ने लिखा है कि इस वायरस के हमले से पीड़ित मरीजों में से 70 फीसदी की मौत हो रही है।

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