कर्नाटक

कर्नाटक: बीजेपी की राह में रोड़ा अटकाने में जुटी कांग्रेस, दिया जेडीएस को CM पद का ऑफर

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बेंगलुरु। कर्नाटक में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। कांग्रेस को तगड़ा झटका लगा है, लेकिन वो बीजेपी की सरकार बनने की राह में रोड़ा अटकाने की कोशिश में जुट गई है। पार्टी की नेता सोनिया गांधी ने इस मसले पर पार्टी के बड़े नेताओं से चर्चा की है। सूत्रों के मुताबिक सोनिया ने पूर्व पीएम देवेगौड़ा से फोन पर बात की है और जेडीएस को सीएम पद का ऑफर दिया है। हालांकि, बीजेपी के बड़े नेताओं रविशंकर प्रसाद, प्रकाश जावड़ेकर और निर्मला सीतारमण ने दावा किया है कि कर्नाटक में बीजेपी की ही सरकार बनेगी। बता दें कि कर्नाटक विधानसभा में 224 सीटें हैं। इनमें से 222 सीटों पर चुनाव हुए थे। बाकी दो सीटों पर 28 मई को वोट पड़ेंगे।

किसको कितनी सीटें मिलीं

कर्नाटक में एक सीट पर बीजेपी के उम्मीदवार के निधन की वजह से चुनाव टालने पड़े। वहीं, दूसरी सीट पर चुनाव इसलिए रद्द हुआ क्योंकि एक फ्लैट से करीब 10 हजार वोटर आईडी कार्ड मिले थे। बहरहाल, बीजेपी को 104 सीटों पर जीत हासिल हुई है। जबकि कांग्रेस को 78, जेडीएस और बीएसपी गठबंधन को 38 और अन्य के खाते में 2 सीटें आई हैं। बता दें कि राज्य में बहुमत का आंकड़ा 112 सीटों का है। जाहिर है, बीजेपी के पास बहुमत से कुछ सीटें कम हैं।

कांग्रेस का लिंगायत कार्ड फेल, राहुल की उम्मीदों पर फिरा पानी

कांग्रेस को 2013 में 122 सीटें मिली थीं। इस बार वो आंकड़ा काफी कम हो गया है। कांग्रेस का लिंगायत समुदाय को अलग धर्म का दर्जा देने वाला कार्ड भी फेल हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद राहुल गांधी के लिए कर्नाटक चुनाव महत्वपूर्ण थे। नतीजों ने उनकी भी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। पूर्व पीएम एचडी देवेगौड़ा की पार्टी जेडीएस ने 2013 में 40 सीटें जीती थीं। इस बार रुझानों में जेडीएस इसके आसपास ही सीटें जीतती दिख रही है। चुनावी नतीजे ये भी बताते हैं कि वोटरों ने निर्दलीय उम्मीदवारों को आम तौर पर ठेंगा दिखा दिया है।

बीजेपी ने कांग्रेस को दी नसीहत

चुनावी रुझानों में कांग्रेस को झटका लगने के बाद बीजेपी के नेता और केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण और रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस को नकारात्मक राजनीति न करने की नसीहत दी। सीतारमण ने कहा कि कांग्रेस ने लगातार विकास को छोड़ दूसरे मुद्दे उठाए। जहरीले और विभाजनकारी बयानबाजी की। इसका खामियाजा कांग्रेस को भुगतना पड़ा है। वहीं, रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस को लोकतंत्र पर भरोसा करना चाहिए।

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