Warning: Cannot assign an empty string to a string offset in /var/www/the2ishindi.com/public/wp-includes/class.wp-scripts.php on line 426

Warning: Cannot assign an empty string to a string offset in /var/www/the2ishindi.com/public/wp-includes/class.wp-scripts.php on line 426

Warning: Cannot assign an empty string to a string offset in /var/www/the2ishindi.com/public/wp-includes/class.wp-scripts.php on line 426

Warning: Cannot assign an empty string to a string offset in /var/www/the2ishindi.com/public/wp-includes/class.wp-scripts.php on line 426

Warning: Cannot assign an empty string to a string offset in /var/www/the2ishindi.com/public/wp-includes/class.wp-scripts.php on line 426
गवर्नर

#KarnatakaResults: किसी एक को बहुमत नहीं, गवर्नर वजुभाई पर लगीं निगाहें

56 0

बेंगलुरु। कर्नाटक विधानसभा में किसी भी दल को बहुमत नहीं मिला है। बीजेपी को सबसे ज्यादा सीटें मिली हैं, लेकिन कांग्रेस भी जेडीएस के सहयोग से बीजेपी को सत्ता में दूर रखने के लिए कोशिशों में जुटी है। ऐसे में सबकी निगाहें गवर्नर वजुभाई वाला पर लगी हैं।

कौन हैं वजुभाई वाला ?

कर्नाटक में गवर्नर की कुर्सी पर गुजरात में बीजेपी के कद्दावर नेताओं में गिने जाने वाले वजुभाई वाला हैं। वो 2012 से 2014 तक गुजरात विधानसभा के स्पीकर रहे हैं। 2014 में मोदी सरकार केंद्र पर बैठी, तभी से वजुभाई कर्नाटक के राज्यपाल हैं।

राजकोट से जीतते थे चुनाव

गुजरात की राजकोट सीट से वजुभाई वाला विधायक चुने जाते रहे थे। उन्होंने साल 1984 में कांग्रेस को इस सीट पर पटकनी दी थी। तभी से बीजेपी इस सीट पर काबिज है। 2002 में वजुभाई वाला ने नरेंद्र मोदी के लिए राजकोट की सीट खाली कर दी थी। मोदी ने भी उन्हें अपने मंत्रीमंडल में वित्त विभाग सौंपा था।

लंबे समय तक रहे हैं कैबिनेट मंत्री

वजुभाई वाला गुजरात की सरकार में 1997 से 2012 तक कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। उन्हें मोदी का खास माना जाता रहा है। ऐसे में कर्नाटक में वजुभाई वाला के सामने भीषण धर्मसंकट है। अगर वो बीजेपी को सरकार बनाने के लिए बुलाते हैं, तो विपक्ष उनके इस कदम पर सवाल उठाएगा। अगर वो बीजेपी को नहीं बुलाते, तो बीजेपी नेतृत्व का कोपभाजन बन सकते हैं।

वजुभाई के सामने है एक और रास्ता

वजुभाई के सामने पहला रास्ता ये है कि वो कांग्रेस और जेडीएस को सरकार बनाने के लिए संयुक्त रूप से बुलाएं। दूसरा रास्ता ये है कि वो सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर बीजेपी को सरकार बनाने का न्योता दें। इसके अलावा वजुभाई वाला के सामने ये रास्ता भी है कि वो राष्ट्रपति को रिपोर्ट भेजें कि कर्नाटक में संवैधानिक संकट है। ऐसे में राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है।

Related Post

मुस्लिम विरोधी ट्वीट कर फिर सुर्खियों में राष्ट्रपति ट्रंप

Posted by - November 30, 2017 0
वाशिंगटन। अपनी मुस्लिम विरोधी छवि के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं।…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *