पढ़ाई के बाद भी US में रहने वाले छात्रों पर ट्रंप सख्त, दोबारा प्रवेश रोकेंगे

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वॉशिंगटन। अमेरिका में पढ़ाई करने एशियाई देशों, खासकर चीन और भारत से तमाम छात्र जाते हैं। ये छात्र पढ़ाई खत्म करने के बाद भी अमेरिका में रह जाते हैं, लेकिन आने वाले दिनों में इन छात्रों के लिए मुश्किल हो सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अफसर ऐसी नीति बनाने जा रहे हैं, जिसके तहत पढ़ाई खत्म करने के बाद छात्र अमेरिका में नहीं रह सकेंगे। 9 अगस्त से ये नीति अमल में आएगी। इस नीति में इस तरह अमेरिका में रहने को गैर कानूनी माना जाएगा।
क्या नीति बनाई जा रही है ?
प्रस्तावित नीति के तहत अमेरिका में रहने को उसी तारीख से अवैध माना जाएगा, जिस दिन से छात्र का वीजा खत्म होगा। यानी जिस दिन से छात्र अपना कोर्स पूरा कर लेगा, गैरकानूनी काम करेगा और ग्रेस पीरियड के बाद भी टिका रहेगा। उदाहरण के तौर पर एफ-1 छात्रों को पढ़ाई खत्म होने के बाद 60 दिन का ग्रेस पीरियड मिलता है। इस ग्रेस पीरियड के खत्म होने तक अमेरिका में या तो काम का वीजा लेना होता है या वहां से अपने देश लौटना होता है।
प्रस्तावित नीति क्यों है महत्वपूर्ण ?
प्रस्तावित नीति इस वजह से महत्वपूर्ण है, क्योंकि अगर गैरकानूनी रूप से रहने को दर्ज कर दिया गया, तो छात्र को स्थायी तौर पर अमेरिका में रहने से रोका जा सकेगा। नीति के तहत 180 दिन या ज्यादा वक्त तक अमेरिका में गैरकानूनी तौर पर रहने वाले छात्रों को 3 से 10 साल तक अमेरिका नहीं आने दिया जाएगा। ऐसे में हजारों छात्रों को अमेरिका में रहने और काम करने की छूट नहीं मिलेगी।
अभी क्या हैं नियम ?
मौजूदा नियम के तहत वीजा खत्म होने के बाद अमेरिका में अवैध तरीके से रहने का दिन उस तारीख से गिना जाता है, जब अधिकारी इसका पता लगा पाते हैं या आव्रजन कोर्ट का जज प्रत्यर्पण का आदेश देता है।
भारतीय छात्रों की संख्या काफी
ओपेन डोर्स रिपोर्ट बताती है कि अमेरिका में पढ़ने जाने वाले भारतीय छात्रों की संख्या में 12 फीसदी बढ़ोतरी 2017 में दर्ज की गई थी। 2016-17 में 1 लाख 86 हजार भारतीय छात्र अमेरिका गए थे। 30 सितंबर 2017 तक अमेरिका ने 4 लाख 21 हजार भारतीय छात्रों को पढ़ाई के लिए वीजा दिया था। अमेरिका के गृह सुरक्षा विभाग के मुताबिक 2016 में 98 हजार 970 छात्रों में से 4 हजार 575 छात्र पढ़ाई खत्म होने के बावजूद अवैध तौर पर अमेरिका में रुके हुए थे।
किन छात्रों को कैसे वीजा मिलते हैं ?
सामान्य छात्रों को एफ वीजा दिया जाता है। वहीं, वोकेशनल कोर्स के छात्रों को एम वीजा दिया जाता है। रिसर्च करने वालों, प्रोफेसरों और एक्सचेंज विजिटर्स को मेडिकल या बिजनेस ट्रेनिंग के लिए अमेरिकी सरकार जे वीजा देती है।

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