उन्नाव गैंगरेप : CBI को विधायक कुलदीप सेंगर के खिलाफ मिले अहम सबूत

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लखनऊ। उन्नाव गैंगरेप मामले की जांच कर रही CBI को आरोपी बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ महत्‍वपूर्ण सबूत मिले हैं। सूत्रों के अनुसार, सीबीआई का कहना है कि उन्हें ऐसे अहम सबूत मिले हैं, जिनसे साबित होता है कि सेंगर की गैंगरेप में संलिप्तता रही है। साथ ही, इस मामले में पुलिस द्वारा शुरुआत में लापरवाही बरते जाने के सबूत भी सीबीआई को मिले हैं। हालांकि सीबीआई ने शुक्रवार (11 मई) को दिए अपने स्‍पष्‍टीकरण में कहा है कि इस केस के बारे में मीडिया में प्रकाशित और प्रसारित की जा रही खबरें पूरी तरह काल्‍पनिक हैं। सीबीआई ने विधायक पर रेप के आरोप की पुष्टि की खबरों को गलत बताया है। यह स्‍पष्‍टीकरण सीबीआई ने अपनी वेबसाइट पर दिया है।

सीबीआई ने पूरे घटनाक्रम को रिकंस्ट्रक्ट किया

मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि सीबीआई ने पूरे घटनाक्रम की कड़ी से कड़ी जोड़कर उसे रिकंस्ट्रक्ट किया। पीड़िता ने 164 के तहत दर्ज कराए गए बयान में घटना का जो ब्‍योरा दिया था, वह सीबीआई द्वारा घटनाक्रम के रिकंस्ट्रक्शन में सही पाया गया। सीबीआई का कहना है कि फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट और घटनाक्रम को रिकंस्ट्रक्ट करने के बाद वह इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि पीड़िता द्वारा लगाया गया गैंगरेप का आरोप सही है।

शशि ही झांसा देकर ले गई थी पीडि़ता को

उधर, दुष्कर्म में शशि सिंह की भूमिका पर सीबीआई का कहना है कि शशि ही पीड़ित को नौकरी दिलाने का झांसा देकर कुलदीप सिंह के घर लाई थी। 4 जून, 2017 को बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह ने उसके साथ रेप किया था। इसके बाद 11 जून को पीड़िता को तीन युवकों ने अगवा किया और कार में उसके साथ गैंगरेप किया।

पुलिस की लापरवाही के भी मिले सुबूत

सूत्रों ने बताया कि अब सीबीआई स्थानीय पुलिस की भूमिका की भी जांच कर रही है। सीबीआई को मामले में स्थानीय पुलिस की लापरवाही के सबूत मिले हैं। जांच में सामने आया है कि पहली बार दर्ज करवाई गई एफआईआर में पुलिस ने आरोपी विधायक का नाम ही शामिल नहीं किया था। यही नहीं, केस को लटकाने और आरोपी विधायक को बचाने के लिए पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल कराने में भी देरी की।

उन्नाव से सीतापुर जेल शिफ्ट हुए सेंगर

बता दें कि बीते मंगलवार को आरोपी विधायक कुलदीप सेंगर को उन्नाव की जेल से सीतापुर शिफ्ट कर दिया गया। इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सेंगर को सीतापुर जेल भेजा गया है। असल में पीड़िता ने हाईकोर्ट में अपील की थी कि विधायक कुलदीप सेंगर उन्नाव में रहकर इस केस को प्रभावित कर सकता है। साथ ही, उसके वहां रहने से पीडि़तो और उसके परिवार को खतरा है, इसलिए विधायक को उन्‍नाव से दूसरी जेल में शिफ्ट किया जाए।

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