यूपी के पूर्व मुख्यमंत्रियों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, नहीं रह पाएंगे सरकारी बंगले में

170 0
  • फैसले के बाद अब अखिलेश, मायावती, राजनाथ सिंह, कल्याण सिंह को छोड़ना पड़ेगा सरकारी बंगला
  • सुप्रीम कोर्ट ने यूपी मिनिस्टर सैलरी अलाउंस एंड मिसलेनियस प्रोविजन एक्ट में संशोधन को किया रद्द

नई दिल्ली। लोकप्रहरी नाम के एनजीओ की एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों को बड़ा झटका दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (7 मई) को अपने अहम फैसले में कहा कि उत्तर प्रदेश के सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों तो सरकारी बंगला खाली करना होगा। बता दें कि यूपी में अभी मुलायम सिंह यादव, मायावती, अखिलेश यादव, कल्याण सिंह, राजनाथ सिंह और एनडी तिवारी के पास लखनऊ में सरकारी बंगला है।

क्‍या कहा सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में ?

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कार्यकाल समाप्ति के बावजूद पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी आवास में बने रहने की अनुमति देने वाले उत्तर प्रदेश के संशोधित कानून को रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि कानून में संशोधन मनमाना और पक्षपातपूर्ण है और यह समानता की संवैधानिक अवधारणा का उल्लंघन भी करता है। अगर कोई मुख्‍यमंत्री पद छोड़ देता है तो उसके बाद भी उसे विशेष दर्जा देते हुए सरकारी बंगला देना किसी भी तरह न्‍यायसंगत नहीं है। कोर्ट ने कहा कि नागरिकों में अलग-अलग दर्जा नहीं बनाया जा सकता।

क्‍या है मामला ?

उल्‍लेखनीय है कि पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी की सरकार में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक कानून बनाया था, जिसके मुताबिक उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों को रहने के लिए सरकारी बंगला दिए जाने का प्रावधान किया गया था। इसी कानून को एक जनहित याचिका के जरिए चुनौती दी गई थी, जिस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अखिलेश सरकार के कानून को पलट दिया। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अब अखिलेश यादव, मायावती, राजनाथ सिंह, कल्याण सिंह को प्रदेश में मिला सरकारी बंगला खाली करना पड़ेगा।

पहले भी लग चुका है यूपी सरकार को झटका

बता दें कि उत्तर प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी बंगला देने के लिए एक नीति बनाई गई थी जिसे सुप्रीम कोर्ट ने 2016 में मनमाना बताते हुए रद्द कर दिया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश की अखिलेश यादव सरकार ने यूपी मिनिस्टर सैलरी अलाउंस एंड मिसलेनियस प्रोविजन एक्ट में संशोधन कर पूर्व मुख्‍यमंत्रियों को सरकारी बंगला देने का प्रावधान कर दिया। अब सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने उन प्रावधानों को रद्द कर दिया है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी बंगले में रहने का आधिकार दिया गया था। कोर्ट ने सोमवार को एक अहम फैसले में इस संशोधन को अवैध करार दिया।

Related Post

पैदल चलने वालों के लिए रायपुर बेहतर, ट्रैफिक कानून मानने में चेन्नई अव्वल

Posted by - April 12, 2018 0
नई दिल्ली। मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड बीते चार साल से भारत में सड़क सुरक्षा को लेकर इंडियन रोड सेफ्टी मिशन…

भारत ने पाक में सामुद्रिक सुरक्षा पर बहुपक्षीय बैठक का किया बहिष्कार

Posted by - October 27, 2017 0
नई दिल्ली : सरकार ने इस हफ्ते इस्लामाबाद में हुए बहुपक्षीय एशियाई कोस्ट गार्ड कार्यक्रम से खुद को बाहर कर लिया…

केदारनाथ के बाद अब खुले बदरीनाथ के कपाट, हजारों भक्तों ने लगाया जयकारा

Posted by - April 30, 2018 0
जोशीमठ। केदारनाथ के कपाट खुलने के एक दिन बाद सोमवार को बुद्ध पूर्णिमा के मौके पर भगवान बदरीनाथ मंदिर के…

नहीं रहे हिंदी के प्रतिष्ठि‍त कवि केदारनाथ सिंह, एम्स में ली आखिरी सांस

Posted by - March 20, 2018 0
ज्ञानपीठ, साहित्‍य अकादमी समेत कई पुरस्‍कारों से नवाजे गए, साहित्‍य जगत में शोक की लहर नई दिल्‍ली। हिंदी के प्रतिष्ठित…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *