कम हो सकती हैं सोने की कीमतें, तीन महीनों में मांग में 12 फीसदी की गिरावट

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  • वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की ताजा रिपोर्ट में हुआ खुलासा, वैश्विक स्‍तर पर भी डिमांड घटी

मुंबई। अगर आप सोना खरीदने का मन बना रहे हों तो कुछ दिन रुक जाने में होशियारी है, क्‍योंकि जल्‍द ही सोने की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिल सकती है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में बताया है कि 2018 की पहली तिमाही यानी जनवरी से मार्च के बाच वैश्विक स्तर पर सोने की डिमांड घटकर सिर्फ 973.5 टन रह गई है। यह 10 साल में अब तक की सबसे कम डिमांड है। वहीं इस दौरान भारत में भी सोने के आभूषणों की डिमांड में 12 फीसदी की भारी गिरावट आई है।

घटने के बाद कितनी हुई डिमांड ?

WGC की रिपोर्ट के अनुसार, देश में सोने की मांग 2018 की पहली तिमाही में 12 प्रतिशत घटकर 115.6 टन पर आ गई, जिसके कारण सोने के भाव ऊंचे रहे। 2017 में जनवरी-मार्च की अवधि में सोने की कुल मांग 131.2 टन थी। भारत में जनवरी से मार्च 2018 के दौरान ज्वैलरी के लिए सिर्फ 87.7 टन सोने का इस्‍तेमाल हुआ, जबकि 2017 के दौरान यह आंकड़ा 99.2 टन था। WGC ने 2018 की पहली तिमाही के लिए अपनी ‘गोल्ड डिमांड ट्रेंड्स’ रिपोर्ट में यह बात कही है।

किस वजह से घटी डिमांड ?

WGC इंडिया के प्रबंध निदेशक पीआर सोमसुंदरम ने कहा, ‘मांग में गिरावट के कई कारण हो सकते हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक, ‘जनवरी से मार्च 2018 तक भारत में बहुत कम शादियां हुई हैं, जिसकी वजह से ज्वैलरी के लिए सोने की डिमांड कम रही। अगर तुलनात्मक रूप से देखें तो भारत में इस साल सिर्फ 7 दिन शादियों के थे, वहीं 2017 में पहली तिमाही के दौरान 22 दिन शादियों का सीजन था। इसके अलावा घरेलू स्तर पर सोने की कीमतों में तेजी और केंद्रीय बजट में आयात शुल्क में कटौती भी इसके कारण हो सकते हैं।’

निवेश के लिए भी कम हुई सोने की डिमांड

WGC की रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी से मार्च के दौरान वैश्विक स्तर पर निवेश के लिए भी सोने की डिमांड में काफी कमी आई है। भारत में निवेश के लिए सोने की डिमांड 13 प्रतिशत घटी है, जबकि चीन में इसमें 26 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है। यही नहीं, एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) के जरिए सोने में निवेश में जनवरी से मार्च के दौरान 66 प्रतिशत की भारी गिरावट देखने को मिली, जबकि सोने की छड़ों और सिक्कों की डिमांड में 15 फीसदी की कमी आई है।

इस साल कितनी रहेगी डिमांड ?

पीआर सोमसुंदरम ने कहा कि 2018 के लिए भारत में सोने की डिमांड 700 से 800 टन के बीच रहने की उम्मीद है। वैश्विक स्त्तर पर जनवरी-मार्च तिमाही में सोने की मांग 7 प्रतिशत गिरकर 973 टन रह गई, जबकि 2017 की इसी तिमाही में कुल मांग 1,047 टन थी। मांग में गिरावट की बड़ी वजह सोने की छड़ और गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) की निवेश मांग में कमी है।

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