सेक्स स्कैंडल में फंसी स्वीडिश एकेडमी, साहित्य के नोबेल पर संकट के बादल

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  • 117 साल के इतिहास में 8वीं बार नहीं दिया जाएगा साहित्य का नोबेल, एकेडमी पर लगे गंभीर आरोप

स्टॉकहोम। इस साल मिलने वाले साहित्य के नोबेल पुरस्कार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। दरअसल, नोबेल पुरस्कार देने वाली संस्था सेक्स स्कैंडल में फंस गई है जिसके बाद 2018 में साहित्य का नोबेल देने का फैसला स्थगित कर दिया गया है। अब यह पुरस्कार 2019 में दिया जाएगा। स्वीडिश एकेडमी ने इसकी जानकारी शुक्रवार (4 मई) को स्‍टॉकहोम में साप्ताहिक बैठक में दी।

क्या है मामला ?

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, फ्रेंच फोटोग्राफर जीन क्लाउड अरनॉल्ट के कथित यौन दुराचार को लेकर स्वीडिश एकेडमी आलोचनाओं के घेरे में है। अरनॉल्ट की शादी सदियों पुरानी स्‍वीडिश एकेडमी के एक पूर्व सदस्य के साथ हुई है। उनका नाम कैटरीना फ्रॉस्टेंसन हैं और वह कवयित्री हैं। जीन क्लाउड अरनॉल्ट पर यौन दुराचार का आरोप लगने के बाद अवॉर्ड प्रदान करने वाली 18 सदस्यों वाली संस्था ने अरनॉल्ट की पत्नी और संस्था की सदस्य कैटरीना फ्रॉस्टेंसन को कमेटी से निकालने के लिए वोट किया।

#Me too कैंपेन से सामने आया सेक्स स्कैंडल

पिछले साल नवंबर में #मी टू‘ आंदोलन के दौरान ये पूरा मामला सामने आया, जब फ्रेंच फोटोग्राफर क्लाउड अरनॉल्ट पर करीब 18 महिलाओं ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया था। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। यही नहीं, एकेडमी के ऊपर भी कई गंभीर आरोप लगाए गए थे।

एकेडमी पर पहली बार लगे ऐसे गंभीर आरोप

सेक्स स्कैंडल की खबरें आने के बाद पूरी एकेडमी शर्मसार है। दुनिया में सबसे ज्यादा सम्मानजनक इस एकेडमी को पहली बार इस प्रकार के गंभीर आरोपों का सामना करना पड़ रहा है। एकेडमी ने कहा कि यौन उत्पीड़न के आरोपों और फाइनेंशियल घोटालों के बाद अभी एकेडमी नोबेल पुरस्कार के लिए विजेता चुनने की स्थिति में नहीं है। ऐसे में फैसला लिया गया कि इस साल पुरस्कार नहीं दिया जाएगा क्योंकि वर्तमान हालात इसके लिए सही नहीं हैं।

एकेडमी ने कहा, लोगों का भरोसा जीतना जरूरी

अरनॉल्ट और उनकी पत्नी कैटरीना के खिलाफ वोटिंग होने के बाद स्वीडिश एकेडमी ने दोनों से किनारा कर लिया। इसके बाद डेनियस समेत 6 सदस्य अब तक कमेटी से इस्तीफा दे चुके हैं, इसलिए ऐसी स्थिति में नोबल पुरस्कार का आयोजन हो पाना मुश्किल है। स्‍वीडिश एकेडमी के सेक्रेटरी एंडर्स ओल्सन ने कहा, ‘हमें अगले पुरस्कार विजेता घोषित होने से पहले लोगों का भरोसा जीतना होगा और इसके लिए कुछ समय की जरूरत होगी।

अब तक 8 बार नहीं मिला साहित्य का नोबेल

बता दें कि स्वीडिश एकेडमी की शुरुआत 1786 में हुई थी, लेकिन पहली बार 10 दिसंबर, 1901 को नोबेल पुरस्कार दिए गए थे। एकेडमी के इतिहास में ऐसा 8 बार हुआ, जब साहित्‍य का नोबेल नहीं दिया गया। आइए जानते हैं ऐसा कब-कब हुआ –

  • 1914 और 1918 में पहले विश्वयुद्ध के दौरान।
  • 1935 में पुरस्कार का कोई उम्मीदवार न मिलने के कारण इसे रोका गया।
  • 1940, 1941, 1942, 1943 को दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान साहित्य पुरस्कार नहीं दिए गए।
  • इस बार 2018 के पुरस्कार भी अगले साल दिए जाएंगे।

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