कैंसर के बाद भारत में ब्रेन स्ट्रोक से होती हैं सबसे ज्यादा मौतें

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  • हर साल 15 लाख युवा इस बीमारी से होते हैं ग्रस्त, हर 3 मिनट में होती है एक व्‍यक्ति की मौत

नई दिल्ली। कुछ समय पहले तक युवाओं में ब्रेन स्ट्रोक के मामले सुनने में नहीं आते थे, लेकिन अब युवाओं में भी ब्रेन स्ट्रोक अपवाद नहीं रह गया है। आजकल की आरामतलब जीवन शैली, मोटापा और जंक फूड के अधिक सेवन की वजह से युवाओं की सेहत वक्त से पहले खराब होती जा रही है। हाल ही में आई एक रिसर्च से पता चला है कि इसी लाइफस्टाइल के कारण युवाओं में ब्रेन स्ट्रोक के मामले बढ़ते जा रहे हैं। ब्रेन स्ट्रोक भारत में समय से पहले मृत्यु और विकलांगता का एक महत्वपूर्ण कारण बनता जा रहा है।

किसने किया अध्‍ययन ?

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान संस्थान परिषद (ICMR) के एक अध्ययन के अनुसार, हमारे देश में हर तीन सेकेंड में किसी न किसी व्यक्ति को ब्रेन स्ट्रोक होता है और हर तीन मिनट में ब्रेन स्ट्रोक के कारण किसी न किसी व्यक्ति की मौत होती है। वहीं नोएडा के फोर्टिस अस्पताल में न्यूरोसर्जरी विभाग के अतिरिक्त निदेशक एवं वरिष्ठ न्यूरो सर्जन डॉ. राहुल गुप्ता ने कहा कि ब्रेन स्ट्रोक भारत में कैंसर के बाद मौत का दूसरा प्रमुख कारण है।

क्‍या है ब्रेन स्‍ट्रोक

मस्तिष्क के किसी हिस्से में रक्त की आपूर्ति बाधित होने या उसकी गंभीर रूप से कमी होने के कारण स्ट्रोक होता है। मस्तिष्क के ऊतकों में ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की कमी होने पर कुछ ही मिनटों में मस्तिष्क की कोशिकाएं मृत होने लगती हैं जिसके कारण मृत्यु या स्थायी विकलांगता हो सकती है। इलाज में देरी होने पर मस्तिष्‍क के लाखों न्यूरॉन्स क्षतिग्रस्त हो जाते हैं और मस्तिष्क के ज्‍यादातर कार्य प्रभावित हो जाते हैं, इसलिए रोगी को तत्‍काल चिकित्सा देना बहुत जरूरी है।

क्‍या है ब्रेन स्‍ट्रोक का कारण ?

डॉ. राहुल गुप्ता का कहना है कि युवाओं में स्ट्रोक के बढ़ते मामलों का मुख्य कारण हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, ब्लड शुगर, हाई कोलेस्ट्रॉल, शराब, धूम्रपान और मादक पदार्थों की लत है। इनके अलावा आरामतलब जीवन शैली, मोटापा, जंक फूड का सेवन और तनाव भी ब्रेन स्‍ट्रोक को बढ़ावा देता है। युवाओं के लिए यह अधिक घातक है, क्योंकि यह उन्हें जीवन भर के लिए विकलांग बना सकता है।

ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण

किसी भी व्यक्ति का स्ट्रोक ठीक हो सकता है, लेकिन उसे चार घंटों के भीतर डॉक्टर के पास पहुंचाना जरूरी है। इन चार घंटों को गोल्डन आवर माना जाता है। आइए जानते हैं क्‍या हैं ब्रेन स्‍ट्रोक के लक्षण –

  • चलने में परेशानी
  • संतुलन की कमी
  • बोलने में दिक्कत
  • सिर में अत्यधिक दर्द होना
  • शरीर के एक हिस्से में लकवा
  • देखने में परेशानी

देश में हर साल ब्रेन स्‍ट्रोक के 15 लाख मामले

नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफार्मेशन (एनसीबीआई) के अनुसार, कोरोनरी धमनी रोग के बाद स्ट्रोक मौत का सबसे आम कारण है। देश में हर साल ब्रेन स्ट्रोक के लगभग 15 लाख नए मामले दर्ज किए जाते हैं। वहीं दुनिया भर में हर साल स्ट्रोक से 2 करोड़ लोग पीड़ित होते हैं, जिनमें से 50 लाख लोगों की मौत हो जाती है और बाकी 50 लाख लोग अपाहिज हो जाते हैं।

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