वरिष्ठ जेडीयू नेता यूएन चौधरी ने किया पार्टी से किनारा, लगाए गंभीर आरोप

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  • कहा – साल भर से ज्यादा वक्त से जदयू में नहीं सुनी जा रही थी मेरी बात
  • बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष रहे हैं चौधरी, जा सकते हैं लालू यादव के साथ

पटना। बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष और जदयू के वरिष्ठ नेता उदय नारायण चौधरी ने अचानक पार्टी से इस्‍तीफा दे दिया है। उन्होंने बुधवार (2 मई) को एक प्रेस कांफ्रेंस में इसका ऐलान किया। इस दौरान उन्‍होंने पार्टी नेतृत्व पर गंभीर सवाल भी खड़े किए।

क्‍यों दिया इस्‍तीफा ?

उदय नारायण चौधरी ने कहा, ‘मैंने जदयू को छोड़ने का एलान किया है। साल भर से ज्यादा वक्त से जदयू में मेरी बात नहीं सुनी जा रही थी। बिहार में दलितों के साथ हो रहे व्यवहार की वजह से मैंने यह फैसला लिया है।’ मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘मैं गत पांच-छह महीने से जो गड़बड़ियां चल रही थीं, उसके बारे में पार्टी को आगाह कर रहा था। पार्टी ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। यहां तक दलितों का आरक्षण समाप्ति के कगार पर है। छात्रवृत्ति को समाप्त कर उसे क्रेडिट कार्ड में बदल दिया गया, प्रमोशन में आरक्षण समाप्त कर दिया गया।’

और क्‍या कहा था चौधरी ने ?

पिछले महीने एक अप्रैल को भी उदय नारायण चौधरी ने बागी तेवर दिखाए थे। उन्होंने कहा था, ‘बिहार के हालात ठीक नहीं हैं और जल्द यहां राष्ट्रपति शासन लगा देना चाहिए।’ उन्होंने बीजेपी और आरएसएस पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा था कि इन लोगों ने ही बिहार में ऐसी स्थिति ला दी है। साथ ही उन्होंने कहा, ‘तेजस्वी में बिहार का अगला मुख्यमंत्री बनने की क्षमता है। तेजस्वी को मुख्यमंत्री बनने से कोई ताकत नहीं रोक सकती।

सीएम नीतीश कुमार से चल रहे थे नाराज

बता दें कि उदय नारायण चौधरी पिछले कुछ समय से अपनी पार्टी और सीएम नीतीश कुमार से नाराज चल रहे थे। वो सरकार के खिलाफ लगातार बगावती तेवर अपनाए हुए थे। बीते दिन उन्होंने दलितों के समर्थन में एक मार्च भी निकाला था। यही नहीं, पटना में हुए यशवंत सिन्हा के कार्यक्रम में भी वे काफी सक्रिय दिखे थे। हाल के दिनों में चौधरी ने कई बार पार्टी लाइन से अलग जाकर बयान भी दिए थे।

आरजेडी में हो सकते हैं शामिल

जब पत्रकारों ने उदय नारायण चौधरी से पूछा कि उनका अगला ठिकाना क्या होगा तो उन्होंने कहा, ‘अभी कोई फैसला नहीं किया है। इतना पक्का है कि जेडीयू और बीजेपी में नहीं हूं। सांप्रदायिक लोगों से बाहर हूं।’ आरजेडी में जाने के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘इससे इनकार नहीं किया जा सकता है। जेडीयू और भाजपा को छोड़कर जो पार्टी बची है, वह सब मेरे साथी हैं।’

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