25 करोड़ रुपए में डालमिया ग्रुप को मिला दिल्ली का लालकिला, जानिए वजह

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नई दिल्ली। अब दिल्ली के लालकिले को मशहूर उद्योगपति डालमिया के ग्रुप को सौंप दिया गया है। लालकिला पहली ऐतिहासिक इमारत है, जिसे किसी निजी ग्रुप को सौंपा गया है। आइए, आपको बताते हैं इसकी वजह।

5 साल के कॉन्ट्रैक्ट पर दिया
केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक इमारतों की देखभाल के लिए केंद्र सरकार ने अडॉप्ट अ हेरिटेज नाम से योजना शुरू की थी। इसी योजना के तहत डालमिया ग्रुप ने लालकिला को 5 साल के कॉन्ट्रैक्ट पर लिया है। इस कदम के साथ ही डालमिया ग्रुप पहला ऐसा निजी संस्थान बन गया है, जिसने देश के किसी ऐतिहासिक स्थल को गोद लिया। इसके लिए डालमिया ग्रुप ने सरकार को 25 करोड़ रुपए भी दिए हैं।

डालमिया ग्रुप लालकिला में क्या करेगा ?
लालकिला को गोद लेने के लिए डालमिया के अलावा इंडिगो एयरलाइंस और जीएमआर ने भी बोली लगाई थी, लेकिन डालमिया ग्रुप ने दोनों को पछाड़ दिया। अडॉप्ट अ हेरिटेज के तहत देश की 100 ऐतिहासिक इमारतों को गोद दिया जाना है। इनमें ताजमहल, कांगड़ा का किला, कोणार्क का सूर्य मंदिर और सती घाट भी हैं। लालकिला को गोद लेने के लिए डालमिया ग्रुप, पर्यटन मंत्रालय और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग यानी एएसआई के बीच 9 अप्रैल को कॉन्ट्रैक्ट हुआ। अब डालमिया ग्रुप लालकिला में पीने के पानी की सुविधा, टॉयलेट और स्ट्रीट फर्नीचर जैसी सुविधाएं मुहैया कराएगा। ये सारी सुविधाएं छह महीने में लालकिला परिसर में मिलेंगी।

अन्य ऐतिहासिक इमारतों के लिए भी लग रही बोली
बता दें कि 99 अन्य ऐतिहासिक इमारतों को गोद लेने के लिए भी प्रक्रिया जारी है। सूत्रों के मुताबिक कई कॉरपोरेट हाउसेज ने बोली लगाने की शुरुआत भी कर दी है। आने वाले दिनों में कई ऐतिहासिक इमारतों को भी निजी औद्योगिक घरानों को दिए जाने का एलान होगा। फिलहाल लालकिला पहली ऐसी ऐतिहासिक इमारत बन चुका है, जिसे किसी औद्योगिक घराने को सौंपा गया है।

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