50 आईआईटीयंस ने पक्की नौकरी छोड़कर बनाई राजनीतिक पार्टी

65 0
  • राजनीतिक संगठन का नाम रखा ‘बहुजन आजाद पार्टी’ (BAP), दलितों के लिए करेंगे संघर्ष
  • बिहार चुनावों से करेंगे शुरुआत, पार्टी के पंजीकरण के लिए चुनाव आयोग में किया आवेदन

नई दिल्ली। देश के प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) के 50 पूर्व छात्र समाज के वंचित तबकों (दलित, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति) के अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए आगे आए हैं। इन आईआईटीयंस के समूह ने अपनी पक्‍की नौकरियां छोड़कर एक राजनीतिक पार्टी का गठन किया है। इस समूह ने अपने राजनीतिक संगठन का नाम ‘बहुजन आजाद पार्टी’ (BAP) रखा है। उन्‍होंने अपनी पार्टी के पंजीकरण के लिए चुनाव आयोग में आवेदन किया है।

कौन कर रहा नेतृत्‍व ?

इस समूह का नेतृत्व कर रहे हैं वर्ष 2015 में आईआईटी, दिल्ली से स्नातक की पढ़ाई पूरी कर चुके नवीन कुमार। नवीन ने बताया कि उनका 50 लोगों का एक समूह है। सभी अलग-अलग आईआईटी से हैं और इन सभी ने पार्टी के लिए काम करने की खातिर अपनी पूर्णकालिक नौकरियां छोड़ी हैं। नवीन ने बताया कि हमने मंजूरी के लिए चुनाव आयोग में अर्जी डाली है और इस बीच जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं।

क्‍यों बनाई राजनीतिक पार्टी ?

नवीन ने बताया कि ‘बहुजन आजाद पार्टी’ में मुख्य रूप से एससी, एसटी और ओबीसी तबके के सदस्य हैं। उनका मानना है कि पिछड़े वर्ग के लोगों को शिक्षा और रोजगार के मामले में उनका उचित अधिकार नहीं मिला है। ऐसे लोगों को न्‍याय दिलाने के लिए ही पार्टी का गठन किया गया है। पार्टी ने भीमराव आंबेडकर, सुभाष चंद्र बोस और एपीजे अब्दुल कलाम सहित कई अन्य नेताओं की तस्वीरें लगाकर सोशल मीडिया पर प्रचार भी शुरू कर दिया है।

2019 का लोकसभा चुनाव लड़ना लक्ष्‍य नहीं

नवीन ने बताया कि वे आनन-फानन चुनावी मैदान में नहीं कूदना चाहते। उन्‍होंने कहा कि उनका मकसद 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ना बिल्‍कुल नहीं है। नवीन कहते हैं, ‘हम जल्दबाजी में कोई काम नहीं करना चाहते और हम बड़ी महत्वाकांक्षा वाला छोटा संगठन बनकर रह जाना नहीं चाहते। हम 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव से शुरुआत करेंगे और फिर अगले लोकसभा चुनाव का लक्ष्य तय करेंगे।’

पार्टी कैसे करेगी काम ?

नवीन ने बताया, ‘एक बार पार्टी का पंजीकरण करा लेने के बाद हम पार्टी की छोटी इकाइयां बनाएंगे। ये छोटी इकाइयां हमारे लक्षित समूहों के लिए जमीनी स्तर पर काम करना शुरू करेंगी।’ उन्‍होंने यह भी कहा कि वे खुद को किसी अन्‍य राजनीतिक पार्टी या विचारधारा के प्रतिद्वंद्वी के तौर पर पेश नहीं करना चाहते।

Related Post

पूर्व लोकसभा स्पीकर और 10 बार सांसद रहे सोमनाथ चटर्जी का निधन

Posted by - August 13, 2018 0
कोलकाता। लोकसभा के पूर्व स्पीकर और वरिष्‍ठ माकपा नेता रहे सोमनाथ चटर्जी का लंबी बीमारी के बाद सोमवार (13 अगस्‍त)…

बोले अमित शाह – 2019 में तो जीतेंगे ही, आगे 50 साल तक कोई नहीं हटा सकता

Posted by - September 9, 2018 0
बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी में पीएम मोदी ने दिया नया नारा –  ‘अजेय भारत, अटल भाजपा’ नई दिल्ली। बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *