कठुआ में बच्ची से रेप और हत्या के मामले में FSL रिपोर्ट से ये हुआ खुलासा

81 0

नई दिल्ली। कठुआ गैंगरेप मामले में दिल्ली की फोरेंसिक लैब ने जांच के बाद सबूतों को सच माना है।

किन सबूतों को FSL ने माना सही ?
एफएसएल की रिपोर्ट में पुष्टि की गई है कि मंदिर में मिले खून के धब्बे 8 साल की बच्ची के ही हैं। इससे साफ होता है कि मंदिर में ही बच्ची से रेप किया गया। इसके अलावा मंदिर से मिले बालों की जांच में इनमें से एक का डीएनए प्रोफाइल एक आरोपी शुभम सांगरा से मिल गया है। बच्ची के कपड़ों पर मिले खून के धब्बे उसकी डीएनए प्रोफाइल से मिलते हैं। बच्ची के प्राइवेट पार्ट में भी खून मिला है।

SIT को जांच में हो रही थी दिक्कत
कठुआ मामले की जांच कर रही जम्मू-कश्मीर पुलिस की एसआईटी को जांच में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। जो सबूत मिले थे, उनसे आरोपी दोषी साबित नहीं हो पाते। अब दिल्ली की फोरेंसिक साइंस लैब की रिपोर्ट उन्हें दोषी साबित करने के लिए काफी होगी।

आरोपियों ने सबूत मिटाने की कोशिश की
आरोपियों पर कुछ पुलिसवालों से साठ-गांठ कर सबूत नष्ट करने का आरोप लगा है। आरोप है कि बच्ची के कपड़े धोए गए। इससे जम्मू-कश्मीर की फोरेंसिक लैब भी कपड़ों पर खून के धब्बे नहीं तलाश कर सका था। ऐसे में एसआईटी भी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज नहीं कर पा रही थी।

डीजीपी ने केंद्र से मांगी थी मदद
इस मामले का राजनीतिकरण भी खूब हुआ है। पुलिस पर दोषियों को सख्त सजा दिलाने का दबाव है। ऐसे में जम्मू-कश्मीर के डीजीपी एसपी वैद ने गृह मंत्रालय से सबूतों की जांच दिल्ली की फोरेंसिक लैब में कराने का आग्रह किया था। मार्च में ही बच्ची के कपड़े, मल और अन्य सबूतों को दिल्ली की एफएसएल भेजा गया था। इसके अलावा आरोपी पुलिस अफसर दीपक खजूरिया, शुभम सांगरा और प्रवेश के भी ब्लड सैंपल जम्मू-कश्मीर पुलिस ने दिल्ली की एफएसएल को भेजे थे।

Related Post

कांग्रेस महाधिवेशन : सोनिया बोलीं – कांग्रेस पार्टी नहीं सोच

Posted by - March 17, 2018 0
मोदी सरकार पर किया हमला, कहा – ‘सबका साथ सबका विकास’ ड्रामेबाजी कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल ने भी साधा निशाना, बोले…

उन्नाव व कठुआ रेपकांड के विरोध में राहुल गांधी का आधी रात इंडिया गेट पर कैंडल मार्च

Posted by - April 13, 2018 0
कैंडल मार्च में प्रियंका, रॉबर्ट वाड्रा, सलमान खुर्शीद, गुलामनबी समेत कई बड़े कांग्रेस नेता भी पहुंचे हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता भी…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *