CJI के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पास होना मुश्किल, लोकसभा में विपक्ष कमजोर

75 0

नई दिल्ली। कांग्रेस और छह अन्य पार्टियों ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव राज्यसभा के सभापति और उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू को सौंपा है। इस प्रस्ताव का पास होना काफी मुश्किल है, क्योंकि लोकसभा में विपक्ष के पास बहुमत नहीं है और दोनों सदनों में इसे दो-तिहाई बहुमत से पास कराना जरूरी होता है।

कितने सांसदों का समर्थन जरूरी
चीफ जस्टिस के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने के लिए लोकसभा के 100 या राज्यसभा के 50 सांसदों के दस्तखत प्रस्ताव पर कराने होते हैं। इसके बाद लोकसभा या राज्यसभा में प्रस्ताव दिया जाता है। लोकसभा में लाया जाने वाला प्रस्ताव अध्यक्ष को और राज्यसभा के लिए सभापति को सौंपा जाता है।

चीफ जस्टिस के खिलाफ 7 विपक्षी दल एकजुट, दिया महाभियोग प्रस्ताव

अध्यक्ष और स्पीकर का कदम है अहम
चीफ जस्टिस के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव आने के बाद राज्यसभा के सभापति या लोकसभा के अध्यक्ष तय करते हैं कि प्रस्ताव को मंजूर किया जाए या नहीं। अगर प्रस्ताव मंजूर होता है तो तीन सदस्यों की कमेटी बनाई जाती है। इसमें सुप्रीम कोर्ट के एक जज, एक हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस और एक कानून के जानकार होते हैं।

CJI दोषी पाए गए तो क्या होता है ?
अगर कमेटी चीफ जस्टिस को दोषी पाती है, तो जिस सदन में प्रस्ताव दिया जाता है, वहां कमेटी अपनी रिपोर्ट देती है। इसके बाद रिपोर्ट दूसरे सदन को भी भेजी जाती है। दोनों सदन अगर दो-तिहाई बहुमत से समर्थन कर दें, तो प्रस्ताव को मंजूर कर इसे राष्ट्रपति को भेजा जाता है। इसके बाद राष्ट्रपति के आदेश से चीफ जस्टिस को हटाया जाता है।

Related Post

कर्नाटक: येदियुरप्पा सरकार बचने के लिए 7 वोट जरूरी, 20 लिंगायत MLA पर नजर

Posted by - May 19, 2018 0
बेंगलुरु। आज शाम 4 बजे कर्नाटक में बीएस येदियुरप्पा को विश्वास मत हासिल करना है। बीजेपी सरकार को विश्वास मत…

हिजबुल सरगना सलाहुद्दीन के बेटे को एनआईए ने किया गिरफ्तार

Posted by - October 24, 2017 0
सैयद सलाहुद्दीन का बेटा सैयद शाहिद यूसुफ जम्मू एवं कश्मीर सरकार के कृषि विभाग में कार्यरत नई दिल्ली। आतंकवादी संगठन हिजबुल…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *