सीरिया पर अमेरिकी नेतृत्व में मिसाइल हमले, कैमिकल अटैक का लिया बदला

56 0

वॉशिंगटन/दमिश्क। अमेरिका के नेतृत्व में ब्रिटेन और फ्रांस ने शुक्रवार रात सीरिया के कई सैन्य ठिकानों पर मिसाइलों से हमले किए। हमले सीरिया की राजधानी दमिश्क में भी हुए। इन हमलों में सीरियाई सेना के रिपब्लिकन गार्ड की चौथी डिवीजन और अन्य बलों को निशाना बनाया गया। उधर, अमेरिका में रूस के राजदूत ने चेतावनी दी है कि इन हमलों के लिए उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

अमेरिका ने क्यों किए हमले ?
अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने सीरिया पर संयुक्त हमले से बीते हफ्ते हुए रासायनिक हमले का बदला लिया है। सीरिया में रासायनिक हमले में बच्चों और महिलाओं समेत 60 लोगों की मौत हुई थी। बता दें कि संयुक्त राष्ट्र ने रासायनिक हमलों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा रखा है। हालांकि, सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद और उनके सहयोगी रूस ने इनकार किया था कि नागरिकों पर रासायनिक हमले किए गए हैं। रूस ने अमेरिका को ये चेतावनी भी दी थी कि अगर उसने इस बहाने सीरिया पर हमले किए, तो इसकी भारी कीमत चुकानी होगी।

रूस की चेतावनी दरकिनार कर हमला
रूस ने भले ही गंभीर नतीजों की चेतावनी दी थी, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे दरकिनार कर दिया। हमला शुरू होते ही ट्रंप ने राष्ट्र को टीवी पर संबोधित करते हुए कहा कि जब तक सीरिया की सरकार रासायनिक हथियारों को खत्म नहीं कर देती, हमले जारी रहेंगे। ट्रंप ने पहले ही रासायनिक हमलों के मामले में सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद को दानव कहा था। अमेरिकी सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि टॉम हॉक क्रूज मिसाइलों से सीरिया में कई ठिकानों पर हमला किया गया।

ट्रंप का रूस और ईरान पर भी निशाना
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में रूस और ईरान पर भी निशाना साधा। ट्रंप ने पूछा कि ये दोनों कैसे देश हैं, जो बेगुनाह पुरुष, महिलाओं और बच्चों की सामूहिक हत्या करने वालों का साथ दे रहे हैं।

ब्रिटिश पीएम ने क्या कहा ?
वहीं, ब्रिटेन की पीएम टेरीजा मे ने कहा कि सैन्य कार्रवाई सिर्फ रासायनिक हथियार नष्ट करने के लिए किए गए हैं। हम सीरिया में गृहयुद्ध में न तो हस्तक्षेप कर रहे हैं और न ही वहां की सरकार हटाने का ब्रिटेन का कोई इरादा है।

फ्रांस के राष्ट्रपति क्या बोले ?
सीरिया पर हुए हमलों में अमेरिका का साथ देने वाले फ्रांस के राष्ट्रपति इमैन्युअल मैक्रों ने कहा कि हमने अमेरिका और ब्रिटेन का साथ इसलिए दिया, ताकि सीरिया की सरकार रासायनिक हथियार न बना सके और उनका इस्तेमाल भी न कर सके।

Related Post

‘पद्मावत’ के बाद अब कंगना की ‘मणिकर्णिका’ का शुरू हुआ विरोध

Posted by - February 7, 2018 0
राजस्‍थान की ब्राह्मण महासभा ने कहा, इस फिल्‍म में ऐतिहासिक तथ्‍यों के साथ हुई है छेड़छाड़ नई दिल्‍ली। दीपिका पादुकोण…

न्याय मिलने में हुई देरी तो बलात्कार पीड़िता ने दे दी जान, पुलिस पर उठे सवाल

Posted by - May 21, 2018 0
महराजगंज की घटना, रेप के आरोपी प्रधान व सेक्रेटरी के दबाव में पुलिस कर रही थी जांच में लीपापोती शिवरतन…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *