नाबालिग से रेप करने वालों को फांसी, जम्मू-कश्मीर सरकार बनाएगी कानून

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  • बोलीं सीएम महबूबा – ऐसी नृशंस घटनाओं में शामिल लोगों को सख्त सजा दिलाकर पेश करेंगे मिसाल

श्रीनगर। जम्‍मू-कश्‍मीर के कठुआ में बकरवाल समुदाय की 8 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्‍या के मामले के तूल पकड़ने के बाद अब राज्य सरकार ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने जा रही है। मुख्‍यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने घोषणा की है कि नाबालिग बच्चियों के साथ ऐसी जघन्‍य घटनाओं के खिलाफ सरकार सख्त कानून लाएगी। इसके तहत नाबालिग बच्चियों के साथ रेप करने वाले अपराधियों को फांसी की सजा का प्रवाधान किया जाएगा।

क्‍या कहा सीएम महबूबा मुफ्ती ने ?

मुख्‍यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने एक ट्वीट के जरिये कहा, ‘हम भविष्य में किसी अन्य बच्ची के साथ ऐसी घटनाएं नहीं होने देंगे। हम राज्य में एक नया कानून लाने जा रहे हैं जिससे नाबालिगों के साथ बलात्कार करने वालों को फांसी की सजा दी जा सके। मैं पूरे देश को विश्वास दिलाना चाहती हूं कि हम ना सिर्फ बच्ची को इंसाफ दिलाने के लिए उसके परिवार के साथ खड़े हैं, बल्कि ऐसी नृशंस घटनाओं में शामिल लोगों को सख्त सजा दिलाकर देश के सामने एक उदाहरण भी पेश करना चाहते हैं।’

कठुआ में 8 साल की मासूम से रेप और हत्या के केस में दाखिल हुई चार्जशीट

क्‍या था मामला ?

बता दें कि जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में 10 जनवरी को बकरवाल समुदाय की एक बच्ची का अपहरण कर उसके साथ कई दिन तक बलात्कार किया गया था। इस वारदात के एक हफ्ते बाद पीड़िता का शव जंगलों से बरामद हुआ था। पुलिस ने केस दर्ज कर 11 अप्रैल को चार्जशीट फाइल की थी। वहीं नाबालिग बच्ची के साथ रेप की इस घटना का पूरे देश में भी विरोध हुआ था, जिसके बाद महबूबा सरकार ने ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कानून लाने का ऐलान किया।

मेनका ने भी दोषियों के लिए मांगी फांसी की सजा

एक वीडियो संदेश के जरिए केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने कहा कि वह कठुआ की घटना से काफी परेशान हैं। उन्होंने कहा कि वह बच्चों के बलात्कारियों को मौत की सजा देने के लिए कानून लाएंगी। मंत्री ने कहा कि उनका महिला एवं बाल विकास मंत्रालय सोमवार को कैबिनेट के सामने बच्चों का संरक्षण उत्पीड़न के खिलाफ संरक्षण अधिनियम (पॉक्‍सो) एक्ट में संशोधन का नोट पेश करेगा। उन्‍होंने कहा कि संशोधन में 12 साल से कम उम्र के बच्चों के बलात्कार मामले में मौत की सजा का प्रावधान किया जाएगा।

विदेशी मीडिया में भी छाया मुद्दा

कठुआ की घटना को लेकर विदेशी मीडिया में भारत की नकारात्मक छवि पेश की गई है। न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा है कि इस घटना ने भारत में फिर से धार्मिक तनाव पैदा कर दिया है। आरोपियों के समर्थन में हिंदू संगठनों के लोग सड़क पर उतर आए। वहीं वाशिंगटन पोस्ट ने इस घटना पर विस्तृत रिपोर्ट छापी है। इसमें कहा गया है कि कैसे इस घटना ने जम्मू क्षेत्र में दो समुदायों के बीच तनाव पैदा कर दिया। इसी तरह अंतरराष्‍ट्रीय न्यूज एजेंसी द एसोसिएटेड प्रेस ने कठुआ गैंगरेप की तुलना 2012 के निर्भया कांड से की है। उसने इस घटना को लेकर हुए अलग तरीके के विरोध प्रदर्शन का भी जिक्र किया और कहा कि हजारों वकीलों ने आरोपी को निर्दोष बताते हुए प्रदर्शन किया। बीबीसी ने कहा है कि इस घटना ने स्तब्ध कर दिया है। इसने हिंदू बहुल जम्मू और मुस्लिम बहुल कश्मीर में दोनों समुदायों के बीच पैदा दूरी को एक बार फिर उजागर कर दिया है।

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