गोरखपुर में रिटायर दरोगा और बेटे को गोलियों से भूना, ग्रामीणों ने फूंकी पुलिस जीप

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  • बाप-बेटे की हत्या के विरोध में फूटा गुस्सा, ग्रामीणों और पुलिस के बीच पांच घंटे संघर्ष, पथराव, तोड़फोड़
  • गांव में स्थिति अब भी तनावपूर्ण, 4 थानों की फ़ोर्स और पीएसी तैनात, आरोपियों की तलाश में छापेमारी

गोरखपुर। जिले के झंगहा थानाक्षेत्र में मंगलवार देर शाम तारीख से लौट रहे रिटायर दरोगा जयहिंद यादव (62) और उनके बेटे नागेंद्र यादव (26) को बदमाशों ने गोलियों से भून दिया। जयहिंद के सिर में और नागेंद्र के सीने के पास गोली लगी। दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। फिलहाल बुधवार को भी गजाईकोल गांव में स्थिति तनावपूर्ण बनी थी।

गांव वालों का फूटा गुस्सा

पिता-पुत्र की हत्‍या से गुस्साए ग्रामीणों ने शव सड़क पर रख जाम लगा दिया और पुलिस पर पथराव किया। उन्‍होंने मौके पर पहुंची पुलिस की जीप को भी आग के हवाले कर दिया। पुलिस के देरी से पहुंचने पर गुस्साए ग्रामीणों ने जमकर तोड़फोड़ भी की। बवाल की सूचना मिलते ही एसएसपी शलभ माथुर 4 थानों की फ़ोर्स लेकर मौके पर पहुंचे। हंगामे को काबू करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। पुलिस देर रात तक बवाल करने वाले और हत्यारोपियों की तलाश में छापेमारी करती रही। पुलिसवालों और गाँव वालों में तकरीबन 5 घंटे तक संघर्ष चलता रहा।

सीएम ने लिया संज्ञान, कड़ी कार्रवाई के निर्देश

मुख्‍यमंत्री के जिले में हुए इस दोहरे हत्याकांड से शासन, प्रशासन सकते में आ गया है। पुलिस सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे मामले का संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने पुलिस को निर्देश दिया है कि हत्यारों को जल्द गिरफ्तार किया जाए। गृह विभाग ने पूरे मामले की जानकारी और रिपोर्ट तलब की है।

6 महीने प‍हले रिटायर हुए थे जयहिंद

जयहिंद यादव 6 महीने पहले ही उत्तर प्रदेश पुलिस में दरोगा पद से रिटायर हुए थे। वह 2 साल पहले हुई भाई और भतीजे की हत्या के मामले में कोर्ट गए थे। 2016 में उनके भाई और भतीजे की भी हत्या हो गई थी लेकिन अब तक मुख्य आरोपी फरार है। पिता-पुत्र की हत्‍या में भी परिवार वालों को पहला शक उसी पर है जिसने भाई और भतीजे को मारा था।

गांव में पुलिस और पीएसी तैनात

पिता-पुत्र की हत्या के बाद ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए गांव में हत्यारोपियों के घर के पास पुलिस और पीएसी लगा दी गई है। हालांकि उनके घर पर कोई है नहीं, लेकिन गुस्साए लोग घर में तोड़फोड़ और आगजनी न करें, इसलिए पुलिस ने एहतियातन यह कदम उठाया है।

आपसी रंजिश बनी मौत का कारण

फिलहाल पुलिस इस डबल मर्डर को आपसी रंजिश का मामला बता रही है। साल 2016 में गांव के ही कुछ लोगों ने जयहिंद के भाई और भतीजे की हत्या कर दी थी। इसी मामले में जयहिंद अपने बेटे के साथ कोर्ट गए थे। ग्रामीणों के मुताबिक केस की पैरवी करने की वजह से ही पिता-पुत्र की हत्या की गई है।

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