नोएडा में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, अमेरिकी नागरिकों से करते थे ठगी

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  • पुलिस ने कॉल सेंटर संचालक समेत 23 लोगों को किया गिरफ्तार
  • कॉल सेंटर से 23 कंप्‍यूटर, 6 इलेक्ट्रिक चिप और 12 डेबिट कार्ड बरामद

नई दिल्ली। पुलिस ने नोएडा में मंगलवार (10 अप्रैल) को एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। इस कॉल सेंटर के जरिए लोन देने के नाम पर अमेरिका में रहने वाले लोगों से ठगी की जाती थी। पुलिस ने इस मामले में कॉल सेंटर संचालक समेत 23 लोगों को गिरफ्तार किया है।

कॉल सेंटर संचालक है सिर्फ 12वीं पास

नोएडा पुलिस ने मंगलवार को सेक्टर 59 में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारा और वहां से राजस्‍थान के नागौर के रहने वाले सेंटर संचालक भवानी सिंह बंजारा सहित 23 लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि मुख्‍य आरोपी भवानी सिंह महज 12वीं पास है। इनके पास से 23 कंप्यूटर, मोबाइल फोन, 6 इलेक्ट्रिक चिप और 12 डेबिट कार्ड बरामद हुए हैं।

दो महीने से नोएडा में रह रहा था भवानी

पुलिस ने बताया कि भवानी सिंह बंजारा करीब दो महीने पहले नोएडा में रहने के लिए आया। इससे पहले उसने करीब छह महीने गुड़गांव के एक कॉल सेंटर पर काम किया था। वहीं पर उसे फर्जीवाड़े का आइडिया मिला। उस कॉल सेंटर का भंडाफोड़ होने के बाद भवानी सिंह नोएडा आ गया और सेक्टर-59 में किराये पर ऑफिस लेकर वहां कॉल सेंटर खोल लिया। भवानी सिंह ने कॉल सेंटर में 22 कर्मचारियों को रखा था। हर कर्मचारी को महीने में छह हजार डॉलर का टारगेट मिला था।

आई ट्यून कार्ड के जरिए करते थे ठगी

पुलिस के मुताबिक, भवानी सिंह ने ऑनलाइन मर्चेंट से पांच हजार रुपये में अमेरिकी नागरिकों का लैंडलाइन नंबरों का डेटा हासिल किया था। उन नंबरों पर शॉर्ट टर्म लोन दिलवाने के वॉयस मेसेज भेजे जाते थे। लोन लेने के लिए अमेरिका के ही एक टोल फ्री नंबर पर कॉल करने को कहा जाता था। इस नंबर पर कॉल आने पर ये लोग उन्हें 150 डॉलर तक का लोन दिलवाने का झांसा देते थे। इसके बदले 200 डॉलर छह महीने की किस्त में लौटाने को कहा जाता था। इसकी एवज में फाइल चार्ज व पहली किस्त एडवांस में लेने का झांसा देते थे। लोगों के तैयार हो जाने पर उतनी रकम का आई ट्यून कार्ड खरीदकर उसका पिन नंबर बताने को कहते थे। पिन नंबर मिलने के बाद अमेरिका में बैठे एजेंट को वह नंबर बताकर उस रकम में से एजेंट का कमीशन देकर बाकी पैसा ये लोग खुद ले लेते थे।

क्या है आई ट्यून कार्ड ?

यह एपल का प्रीपेड कार्ड होता है। इसे आई ट्यून्स स्टोर, ऐप स्टोर, आई बुक्स स्टोर से खरीदकर एपल म्यूजिक मेंबरशिप के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह कार्ड अलग-अलग कीमत में आते हैं, जिनका पिन डालकर रिडीम किया जाता है। हालांकि आई ट्यून कार्ड का इस तरह के फर्जीवाड़े में खूब इस्तेमाल किया जाता है, जिस पर एपल की तरफ से एडवाइजरी भी जारी की जा चुकी है।

हवाला के जरिए आते थे रुपए

पूछताछ में इन्होंने बताया है कि इस पेमेंट में हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल होता था। हालांकि पुलिस का कहना है कि ये जांच का विषय है कि पैसा हवाला के जरिए आता था कि कोई और नेटवर्क से आता था। आरोपितों ने अब तक कितने लोगों से कितना फ्रॉड किया है, इसका पता लगाने के लिए इनके पास से मिले कंप्यूटर की सीपीयू का डेटा हासिल किया जा रहा है।

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