2019 के लिए जंग, राजघाट पर राहुल का उपवास, बीजेपी सांसद भी रखेंगे FAST

62 0

नई दिल्ली। 2019 में लोकसभा चुनाव होने जा रहे हैं। इसके लिए अभी से कांग्रेस और बीजेपी के बीच जंग छिड़ गई है। इसी कड़ी में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आज (9 अप्रैल) राजघाट पर एक दिन का उपवास कर रहे हैं। वहीं, बीजेपी के सांसद भी संसद सत्र में कामकाज न होने देने का ठीकरा कांग्रेस पर फोड़ते हुए अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों में 12 अप्रैल को उपवास रखेंगे।

कांग्रेस के क्या हैं मुद्दे ?
राजघाट पर दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ उपवास पर बैठे राहुल गांधी ने मोदी सरकार के खिलाफ कई मुद्दे उछाले हैं। दलितों पर अत्याचार, सीबीएसई पेपर लीक, पीएनबी घोटाला, कावेरी जल बंटवारे का मुद्दा और आंध्र प्रदेश को खास दर्जा जैसे मुद्दे इनमें शामिल हैं। इसके अलावा एससी/एसटी एक्ट में कथित तौर पर ढील देने, किसानों की बदहाली और युवाओं को रोजगार न मिलने के मुद्दे भी राहुल गांधी ने बीते कुछ महीनों में जोर-शोर से उठाए हैं।

कांग्रेस ने लगाया संसद में चर्चा न होने देने का आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इसके साथ ही ये बड़ा आरोप मोदी सरकार पर लगाया है कि इतने बड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार संसद में चर्चा नहीं होने देना चाहती है। राहुल जहां दिल्ली के राजघाट में उपवास कर रहे हैं। वहीं, कांग्रेस कार्यकर्ता भी राज्यों के मुख्यालयों में एक दिन का उपवास रख रहे हैं। जिला मुख्यालयों पर भी कांग्रेस ने प्रदर्शन की तैयारी की है।

बीजेपी की भी उपवास राजनीति
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के उपवास के जवाब में बीजेपी भी इसी अंदाज में मैदान में उतर आई है। बीजेपी के सांसद भी 12 अप्रैल को अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों में उपवास करेंगे। इसके अलावा पीएम नरेंद्र मोदी ने सभी बीजेपी सांसदों से कहा है कि वो अपने संसदीय क्षेत्रों में दलितों के घरों में जाएं और बताएं कि केंद्र सरकार ने उनके लिए क्या किया है।

दलित वोटों के लिए हो रही जंग
दरअसल, कांग्रेस और बीजेपी समेत सभी पार्टियों को पता है कि 2019 का आम चुनाव जीतने के लिए दलितों के वोट हासिल होने जरूरी हैं। बीएसपी अध्यक्ष मायावती तो खुद को दलितों का मसीहा कहती ही हैं। वहीं, कांग्रेस और बीजेपी भी खुद को दलितों का खैरख्वाह बताने में जुटी हैं। गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने वहां हुए दलित उत्पीड़न का मुद्दा जोर-शोर से उठाया था। वहीं, बीते दिनों दलित एक्ट को लेकर हुए भारत बंद के बाद मायावती ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा था। दलितों के मुद्दे पर ही सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी बीजेपी पर हमलावर हैं। यहां तक कि मायावती से सियासी रिश्ते फिर जुड़ने के बाद सपा इस बार डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती भी धूमधाम से मनाने का एलान कर चुकी है।

Related Post

ट्रामकार में शुरू हुआ देश का पहला चलता-फिरता रेस्तरां, लंच व डिनर का ले सकेंगे लुत्फ

Posted by - October 17, 2018 0
कोलकाता। दुनिया भर में कई तरह के रेस्टोरेंट हैं। कुछ बेहद शानदार और कुछ अपनी खासियतों के कारण अजीब भी,…

ऑनर किलिंग पर सुप्रीम कोर्ट सख्त , कहा – दो बालिगों की शादी में दखल न दें

Posted by - February 5, 2018 0
गैरसरकारी संगठन शक्ति वाहिनी की याचिका पर सुनवाई में सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने की तीखी टिप्‍पणी नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने…

धारा 377 : जानिए किन लोगों ने लड़ी समलैंगिक समुदाय के लिए लंबी कानूनी लड़ाई

Posted by - September 6, 2018 0
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को  भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 377 को खत्म कर दिया। सर्वोच्‍च अदालत…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *