एक और भारत बंद से गृह मंत्रालय सतर्क, राज्यों को एडवाइजरी जारी

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  • नौकरियों और शिक्षा में जाति आधारित आरक्षण के खिलाफ मंगलवार को भारत बंद का आह्वान
  • गृह मंत्रालय ने राज्यों को दी सुरक्षा बढ़ाने की सलाह, हिंसा हुई तो जिलाधिकारी और एसपी नपेंगे

नई दिल्‍ली। केंद्र सरकार ने नौकरियों और शिक्षा में जाति आधारित आरक्षण के खिलाफ कई संगठनों की ओर से मंगलवार (10 अप्रैल) को भारत बंद के आह्वान के मद्देनजर केंद्रीय गृह मंत्रालय सतर्क हो गया है। मंत्रालय ने सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने और हिंसा रोकने के लिए सभी राज्यों के लिए परामर्श (एडवाइजरी) जारी किया है।

हिंसा हुई तो डीएम-एसपी होंगे जिम्‍मेदार

गृह मंत्रालय ने कहा कि अपने इलाके में होने वाली किसी भी हिंसा के लिए वहां के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि मंत्रालय ने सभी राज्यों को जारी परामर्श में कहा है कि कुछ समूहों द्वारा सोशल मीडिया पर 10 अप्रैल को बुलाए गए भारत बंद के मद्देनजर जरूरी एहतियाती कदम उठाए जाएं।

गश्‍त बढ़ाने और धारा 144 लगाने की सलाह

अधिकारी ने कहा, ‘गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा बढ़ाने के लिए कहा है। आवश्यक हो तो निषेधाज्ञा भी लगाई जा सकती है। राज्यों से सभी संवेदनशील जगहों पर गश्त तेज करने को कहा गया है जिससे जान-माल के किसी भी नुकसान को रोका जा सके।’

2 अप्रैल के बंद में हुई थी व्यापक हिंसा

करीब एक हफ्ते पहले 2 अप्रैल को एससी/एसटी एक्‍ट पर भारत बंद के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में व्‍यापक हिंसा हुई थी। इस हिंसा में एक दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी और दर्जनों घायल हो गए थे। जगह-जगह तोड़फोड़, आगजनी और वाहन फूंकने की घटनाएं हुई थीं। मध्‍य प्रदेश के कई जिलों में कर्फ्यू लगाना पड़ा था। इन हालात को मद्देनजर रखते हुए इस बार गृह मंत्रालय अपनी ओर से कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता है।

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