ICICI की सीईओ चंदा कोचर और उनके पति के नाम लुकआउट नोटिस जारी

33 0
  • वीडियोकॉन-आईसीआईसीआई केस : चंदा कोचर के देवर राजीव से सीबीआई ने दूसरे दिन भी की पूछताछ

नई दिल्‍ली। वीडियोकॉन ग्रुप के प्रमुख वेणुगोपाल धूत को आईसीआईसीआई बैंक द्वारा 3250 करोड़ रुपये लोन देने के मामले में बैंक की सीईओ और एमडी चंदा कोचर और उनके पति दीपक कोचर की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। सीबीआई ने शुक्रवार (6 अप्रैल) को धूत समेत इन तीनों लोगों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है।

क्‍या होता है लुकआउट नोटिस ?

लुक आउट सर्कुलर या नोटिस जांच एजेंसियां किसी आरोपी को देश से बाहर जाने से रोकने के लिए जारी करती हैं। यह एक इंटरनल सर्कुलर जैसा होता है, जिसे सीधे एयरपोर्ट इमीग्रेशन विभाग को भेजा जाता है। इसमें किसी शख्स को देश से बाहर नहीं जाने देने और उसके बारे में संबंधित सूचना देने के निर्देश होते हैं। यह जानकारी गोपनीय तरीके से देनी होती है, ताकि आरोपी को इसका पता नहीं चले।

चंदा कोचर के देवर से दूसरे दिन भी पूछताछ

सीबीआई ने इस केस के सिलसिले में गुरुवार को मुंबई एयरपोर्ट से हिरासत में लिये गए चंदा कोचर के देवर राजीव कोचर से शुक्रवार को दूसरे दिन भी पूछताछ की। सीबीआई ने गुरुवार को भी राजीव कोचर से लंबी पूछताछ की थी। बता दें कि दीपक कोचर के भाई राजीव की सिंगापुर स्थित फाइनेंशियल कंपनी अविस्टा एडवायजरी सवालों के घेरे में है। आरोप है कि इस कंपनी को पिछले 6 साल में 7 कंपनियों के करीब 1.5 अरब डॉलर के विदेशी मुद्रा लोन को रीस्ट्रक्चर करने का काम मिला और ये सभी कंपनियां आईसीआईसीआई बैंक की कर्जदार हैं।

चंदा कोचर से हो सकती है पूछताछ

वीडियोकॉन लोन मामले में सीबीआई जल्द ही आईसीआईसीआई बैंक की मुखिया चंदा कोचर से भी पूछताछ कर सकती है। सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने एक न्‍यूज चैनल को बताया कि वेणुगोपाल धूत को आईसीआईसीआई बैंक द्वारा दिए गए लोन मामले में प्रारंभिक जांच कर रही एजेंसी जल्द ही चंदा कोचर का बयान दर्ज करेगी। हालांकि सीबीआई इससे पहले उनके पति दीपक कोचर से पूछताछ करेगी।

बैंक अधिकारियों के बयान दर्ज

सीबीआई के एक अधिकारी ने बताया कि लोन पास कराने में बैंक के जिन-जिन अधिकारियों का योगदान था, उन सभी के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। इसके अलावा सीबीआई ने इस लोन से जुड़े सभी दस्तावेजों को भी जब्त कर लिया है, और उसका अध्ययन कर रही है। हालांकि, नियमों के मुताबिक, प्रारंभि‍क जांच के दौरान सीबीआई आधिकारिक नोटिस जारी नहीं कर सकती, लेकिन जरूरत पड़ने पर पूछताछ जरूर कर सकती है।

क्‍या है मामला ?

दरअसल, ICICI बैंक और वीडियोकॉन ग्रुप के निवेशक अरविंद गुप्ता ने चंदा कोचर पर आरोप लगाया था कि उन्‍होंने वीडियोकॉन को कुल 3250 करोड़ रुपये के ऋण मंजूर करने के बदले में गलत तरीके से निजी लाभ प्राप्‍त किया। वीडियोकॉन ग्रुप को जो 3250 करोड़ का लोन आईसीआईसीआई बैंक ने दिया था, उसका बड़ा हिस्‍सा (2810 करोड़ रुपये) अब भी नहीं चुकाया गया है और वह रकम एनपीए बन गई है। रिपोर्ट के अनुसार, धूत-कोचर-आईसीआईसीआई लोन का यह सारा मामला जांच एजेंसियों के दायरे में आ गया है।

Related Post

अलविदा श्रीदेवी : राजकीय सम्मान के साथ हुई अंत्येष्टि, उमड़ा बॉलीवुड

Posted by - February 28, 2018 0
दुल्हन की तरह सजाया गया था श्रीदेवी को, पति बोनी कपूर ने दी मुखाग्‍न‍ि मुंबई। करोड़ों लोगों के दिलों पर…

प्रद्युम्न मर्डर केस : 16 साल के आरोपी पर बालिग की तरह चलेगा मुकदमा

Posted by - May 21, 2018 0
दिल दहलाने वाले इस कांड में गुरुग्राम सेशन कोर्ट ने सुनाया फैसला, खारिज कीं सभी याचिकाएं गुरुग्राम। गुरुग्राम के चर्चित…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *