योगी सरकार से नाराज एक और दलित सांसद ने लिखी पीएम मोदी को चिट्ठी

24 0
  • इटावा से दलित सांसद अशोक दोहरे ने पत्र में अनुसूचित जाति के लोगों पर अत्‍याचार का लगाया आरोप
  • रॉबर्ट्सगंज सीट से दलित सांसद छोटेलाल खरवार ने भी पीएम को लेटर लिखकर जताई थी नाराजगी

लखनऊ। बीजेपी के दलित सांसदों की अपनी ही पार्टी की सरकार से नाराजगी बढ़ती जा रही है। अभी एक दिन पहले ही रॉबर्ट्सगंज से दलित सांसद छोटेलाल खरवार ने सीएम योगी आदित्‍यनाथ की शिकायत करते हुए पीएम मोदी को पत्र लिखा था। 24 घंटे भी नहीं बीते कि अब भाजपा के ही इटावा से दलित सांसद अशोक दोहरे ने भी यूपी सरकार से नाराज होकर प्रधानमंत्री मोदी को चिट्ठी लिखी है। दलितों के मुद्दे पर बहराइच से सांसद सावित्री बाई फुले और यूपी सरकार में सहयोगी ओमप्रकाश राजभर भी पार्टी से नाराज चल रहे हैं।

क्‍या लिखा सांसद दोहरे ने पत्र में ?

इटावा के दलित सांसद अशोक दोहरे ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्र में आरोप लगाया है कि 2 अप्रैल को एससी/एसटी एक्‍ट के मुद्दे पर भारत बंद के दौरान उत्तर प्रदेश व अन्य प्रदेश सरकारों द्वारा अनुसूचित जाति के लोगों पर अत्याचार किया गया और उन्‍हें झूठे मुकदमों में फंसाया गया। सांसद ने पत्र में लिखा – ‘पुलिस निर्दोष लोगों को घर से निकाल कर उनसे मारपीट कर रही और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित करते हुए गिरफ्तार कर रही है। इससे इन वर्गों में गुस्सा और असुरक्षा की भावना बढ़ती जा रही है।’ उन्होंने प्रधानमंत्री से दोषी अधिकारियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने के लिए निर्देश देने की बात कही है।

सांसद छोटेलाल भी जता चुके हैं नाराजगी

5 अप्रैल को यूपी के रॉबर्ट्सगंज से बीजेपी के दलित सांसद छोटेलाल खरवार ने पीएम नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर सीएम योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडे और पार्टी के संगठन मंत्री सुनील बंसल की शिकायत की थी। चिट्ठी में सांसद ने लिखा है कि जिले के आला अधिकारी उनका उत्पीड़न कर रहे हैं। वे इसकी शिकायत लेकर सीएम योगी से दो बार मिले लेकिन उन्होंने डांट कर भगा दिया।

यूपी सरकार के खिलाफ सांसद सावित्री फुले ने की थी रैली

बहराइच से बीजेपी की सांसद सावित्री बाई फुले ने भी केन्द्र सरकार की दलित विरोधी नीतियों के खिलाफ 31 मार्च को लखनऊ में रैली और प्रदर्शन किया था। ‘भारतीय संविधान व आरक्षण बचाओ’ महारैली में उनहोंने अपनी ही सरकार व पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं पर निशाना साधा था। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरक्षण खत्म करने की साजिश करने का भी आरोप लगाया था और कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण एससी/एसटी, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक खतरे में हैं।

यूपी में कितनी सुरक्षित सीटें ?

यूपी में 2009 में हुए परिसीमन के बाद इस समय 17 लोकसभा सीट सुरक्षित हैं, जबकि  विधानसभा में 85 सीटें सुरक्षित हैं।  2014 के आम चुनावों में बीजेपी ने इन सभी 17 सीटों पर कब्ज़ा जमाया था। वहीं, 2017 के विधानसभा चुनाव 85 सुरक्षित सीटों में से बीजेपी ने 69 सीटों पर जीत दर्ज की थी।

बढ़ेंगी पार्टी की मुश्किलें !

गौरतलब है कि बीजेपी शुक्रवार (6 अप्रैल) को अपना स्थापना दिवस मना रही है। एक तरफ उत्‍तर प्रदेश भाजपा ने इस मौके पर 2019 के आम चुनावों में दलितों को साधने के लिए बूथ स्तर पर कार्यक्रम का प्लान बनाया है, तो वहीं दूसरी तरफ पार्टी के दलित सांसद एक-एक कर प्रदेश सरकार के खिलाफ बगावती तेवर में दिखाई दे रहे हैं। 24 घंटे के अंदर दो सांसदों द्वारा पीएम मोदी को अपनी ही सरकार के खिलाफ पत्र लिखकर नाराजगी जताने से साफ है कि आने वाले दिनों में पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। खास बात यह है कि दोनों ही सांसदों की चिट्ठी सार्वजनिक हो चुकी हैं।

Related Post

सिंगापुर के हेरिटेज सेंटर में पीएम मोदी ने रूपे कार्ड से की खरीदारी

Posted by - June 3, 2018 0
सिंगापुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (2 जून) को सिंगापुर में इंडियन हेरिटेज सेंटर के दौरे के समय रुपे कार्ड…

पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना दो हाथों पर टिका वियतनाम का गोल्डन ब्रिज

Posted by - August 3, 2018 0
वास्‍तु और शिल्‍पकला का बेजोड़ नमूना है बा-ना हिल्स पर बना 1400 मीटर ऊंचा यह ब्रिज हनोई। वियतनाम का प्राकृतिक…

घुसपैठ की तो आतंकियों को ढाई फुट नीचे जमीन में भेजते रहेंगे : सेना प्रमुख

Posted by - September 26, 2017 0
सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत सोमवार को कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर सर्जिकल स्ट्राइक दोबारा की…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *