काला हिरण शिकार मामले में सलमान खान को 5 साल की कैद

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जोधपुर। 19 साल पुराने काला हिरण शिकार मामले में सलमान खान को सीजेएम देव कुमार खत्री ने दोषी करार देते हुए 5 साल कैद और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषी ठहराए जाने के बाद सजा पर अभियोजन पक्ष ने सलमान को आदतन अपराधी बताते हुए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की थी, जबकि सलमान के वकीलों ने उन्हें कम से कम सजा देने की अपील अदालत से की। 5 साल की सजा के बाद सलमान को अब सेशन कोर्ट में जमानत के लिए आवेदन करना होगा। ऐसे में जमानत मिलने तक सलमान खान को जोधपुर सेंट्रल जेल में रखा जाएगा। इस बीच, खबर ये भी है कि बरी किए गए लोगों के खिलाफ बिश्नोई समाज ऊंची अदालत में अपील करेगा।
बाकी आरोपियों को कोर्ट ने किया बरी
इससे पहले उनके अलावा बाकी आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया। इस मामले में सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और नीलम पर सलमान को शिकार के लिए उकसाने का आरोप था। जबकि दुष्यंत सिंह ट्रैवेल एजेंट था। आरोप था कि दुष्यंत की गाड़ी से ही सलमान जंगल में गए थे। वहीं, सलमान के उस वक्त असिस्टेंट रहा दिनेश गावरे घटना के बाद से पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका।
कब का है मामला ?
काला हिरण शिकार का ये मामला 27-28 सितंबर और 1 और 2 अक्टूबर 1998 का था। ‘हम साथ साथ हैं’ फिल्म की शूटिंग के लिए सलमान और बाकी सारे लोग जोधपुर गए थे। कांकाणी गांव में रहने वाले बिश्नोई समुदाय ने वन विभाग से शिकायत की थी कि सलमान और बाकी आरोपियों ने दो काले हिरणों का शिकार किया। इसके बाद 2 अक्टूबर 1998 को वन विभाग ने केस दर्ज कराया।
गवाहों ने क्या कहा ?
कोर्ट में 51 गवाहों की लिस्ट प्रॉसीक्यूशन ने दी थी। इसमें से 28 लोगों ने गवाही दी। कुछ गवाहों ने बताया कि सलमान ने जब गांव वालों को आते देखा, तो मरे हिरणों को छोड़कर जिप्सी से चले गए।
और क्या आरोप थे ?
सलमान खान पर आरोप था कि उन्होंने जिस बंदूक से काले हिरणों का शिकार किया, उसका लाइसेंस उनके पास नहीं था। इस मामले में जोधपुर हाईकोर्ट ने जनवरी 2017 में बरी कर दिया था। इसी मामले से जुड़े दो और केस में भी सलमान का हाईकोर्ट ने 2016 में सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ राजस्थान सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दी थी।
मामले में कब क्या हुआ ?
2 अक्टूबर 1998– वन विभाग ने काला हिरण शिकार मामले में केस दर्ज कराया
आरोपी– सलमान खान, सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे, नीलम, दुष्यंत सिंह, दिनेश गावरे। इनमें से दिनेश गावरे फरार। गावरे सलमान का असिस्टेंट था।
चश्मदीद गवाह- चार, छोगाराम, पूनम चंद, शेराराम, मांगीलाल
9 नवंबर 2000- सीजेएम कोर्ट ने केस का संज्ञान लिया
19 फरवरी 2006- आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए
23 मार्च 2013- ट्रायल कोर्ट में सभी आरोपियों के खिलाफ नए सिरे से आरोप तय
23 मई 2013- सीजेएम कोर्ट में ट्रायल शुरू
कोर्ट में गवाही- 51 में से 28 ने आरोपियों के खिलाफ गवाही दी
13 जनवरी 2017– ट्रायल कोर्ट में गवाहियां पूरी हुईं
27 जनवरी 2017- सभी आरोपियों ने कोर्ट में बयान दर्ज कराए
13 सितंबर 2017– अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में अपनी दलील रखनी शुरू की
28 अक्टूबर 2017- बचाव पक्ष ने कोर्ट में दलील रखनी शुरू की
24 मार्च 2018- ट्रायल कोर्ट में अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें पूरी
28 मार्च 2018- ट्रायल कोर्ट में काला हिरण शिकार मामले में फैसला सुरक्षित

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