SRS ग्रुप ने हड़पे निवेशकों के हजारों करोड़, चेयरमैन समेत 5 अधिकारी गिरफ्तार

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पीएनबी से बड़ा घोटाला उजागर, 20 हजार परिवारों के 30 हजार करोड़ रुपये हड़पने का आरोप

फरीदाबाद। अभी पंजाब नेशनल बैंक घोटाले का मामला ठंडा भी नहीं पड़ा था कि दिल्ली-एनसीआर में उससे भी बड़ा घोटाला सामने आ गया है। रियल एस्टेट की जानी मानी कंपनी SRS ग्रुप पर लोगों के हजारों करोड़ रुपए हड़पने का आरोप लगा है। इसे रियल एस्टेट क्षेत्र में सबसे बड़ा घोटाला बताया जा रहा है। हरियाणा पुलिस ने एसआरएस समूह के चेयरमैन अनिल जिंदल सहित पांच अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। एसआरएस ग्रुप पर बैंकों के हजारों करोड़ रुपए का ऋण नहीं लौटाने का भी आरोप है।

30 हजार करोड़ रुपये हड़पने का आरोप

पिछले दिनों SRS ग्रुप पर 20 हजार परिवारों के 30 हजार करोड़ रुपये हड़पने का आरोप लगा है। कंपनी के चेयरमैन और अन्‍य अफसरों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस आयुक्त कार्यालय में डीसीपी विक्रम कपूर ने पत्रकारों को बताया कि आरोपियों को बुधवार (4 अप्रैल) देर रात दिल्ली के महिपालपुर में एक होटल से गिरफ्तार किया गया है। उन्‍होंने बताया कि सभी को जिला अदालत में पेश किया जाएगा और उन्‍हें रिमांड पर लेने की मांग की जाएगी।

आरोपियों के खिलाफ दर्ज हैं 22 मामले

कंपनी के चेयरमैन अनिल जिंदल के अलावा जिन अफसरों को गिरफ्तार किया गया है, उनके नाम नानकचंद तायल, बिशन बंसल, देवेंद्र अधाना और विनोद मामा हैं। इन सभी आरोपियों के खिलाफ पिछले महीने 4 मार्च को थाना सेक्टर-31 में आईपीसी की धारा 420, 406, 120बी व हरियाणा प्रोटेक्शन ऑफ इंट्रेस्ट ऑफ डिपोजिटर इन एफईएक्ट 2013 के तहत 22 मुकदमे दर्ज किए थे। मुकदमे दर्ज होने के बाद अनिल जिंदल के निवास सहित विभिन्न ठिकानों पर पुलिस ने छापामारी भी की थी, लेकिन वे पकड़ में नहीं आए थे। 22 मामलों के अलावा ईओडब्ल्यू इनके खिलाफ की गईं 100 शिकायतों की भी छानबीन कर रही है।

कई राज्यों में फैला है कारोबार

बताया जा रहा है कि अनिल जिंदल ने एसआरएस मॉल से अपना व्यापार शुरू किया था। बाद में उन्‍होंने एसआरएस कंपनी बनाकर रिटेल, सिनेमा, ज्वेलरी एवं प्रॉपर्टी सहित विभिन्न धंधों में पांव फैला लिये। इनके बाद अनिल जिंदल ने रियल एस्टेट सेक्टर में कदम रखा। एसआरएस समूह का कारोबार दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तरप्रदेश, पंजाब, चंडीगढ़, राजस्थान आदि विभिन्न प्रदेशों में फैला हुआ है।

शिकायत के बाद हुई गिरफ्तारी

बताया जा रहा है कि एसआरएस की ओर से निवेशकों को मोटा ब्याज दिया जाता था, लेकिन मंदी आने के बाद ब्याज मिलना बंद हो गया। इसके बाद निवेशकों ने अपनी मूल रकम वापस मांगना शुरू किया, लेकिन कंपनी ने उन्‍हें कुछ नहीं दिया। इसके बाद पीड़ितों ने कंपनी के खिलाफ धरने-प्रदर्शन किए और इसकी शिकायत पुलिस आयुक्त अमिताभ ढिल्लो से की। पुलिस आयुक्‍त ने पूरे मामले की जांच के बाद अनिल जिंदल व एसआरएस के अन्य निदेशकों के खिलाफ मामले दर्ज कराए थे। इसी के बाद यह गिरफ्तारी हुई है।

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