SC/ST Act पर सुप्रीम कोर्ट का फिलहाल पुनर्विचार से इनकार

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  • सर्वोच्‍च अदालत ने कहा – कुछ लोग फायदे के लिए भड़का रहे हिंसा
  • सभी पक्षों से तीन दिन में मांगा जवाब, 10 दिन बाद फिर होगी सुनवाई

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने एससी/एसटी एक्ट पर अपने फैसले पर पुनर्विचार करने से फिलहाल इनकार कर दिया है। केंद्र सरकार की ओर से दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तल्ख टिप्पणियां कीं। अदालत ने कहा कि वो इस कानून के खिलाफ नहीं है। अदालत ने कहा कि वो सिर्फ ये चाहता है कि बेगुनाहों को एससी/एसटी एक्ट के तहत सजा न हो।

तीन दिन में मांगा जवाब

पुनर्विचार याचिका की सुनवाई जस्टिस एके गोयल और जस्टिस यूयू ललित ने की। सर्वोच्‍च अदालत ने इस मामले में सभी पक्षों से तीन दिन के अंदर जवाब दाखिल करने को कहा है। इस मामले में अब दोबारा सुनवाई 10 दिन बाद होगी।

कोर्ट ने पुनर्विचार याचिका की सुनवाई के दौरान कहा –

  • हम एससी/एसटी एक्ट के खिलाफ नहीं हैं।
  • हम चाहते हैं कि किसी बेगुनाह को सजा न हो।
  • विरोध करने वालों ने हमारा फैसला शायद पढ़ा नहीं है।
  • हम जानते हैं कि लोगों के अधिकारों की रक्षा कैसे की जाती है।
  • एससी/एसटी एक्ट का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए।
  • कुछ लोग इस मामले को भड़काकर फायदा उठाना चाहते हैं।
  • हमने कानून के प्रावधानों में कोई बदलाव नहीं किया।

 केंद्र की अर्जी पर जल्द की सुनवाई

बता दें कि केंद्र सरकार ने सोमवार को चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की बेंच में इस मसले पर जल्द सुनवाई की अर्जी दी थी। इस पर चीफ जस्टिस ने मामले में तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया था। इसके बाद आज अटॉर्नी जनरल ने मामले को गंभीर बताते हुए फिर से चीफ जस्टिस से आग्रह किया कि वो इस मामले की तुरंत सुनवाई का आदेश दें। इसके बाद चीफ जस्टिस ने जस्टिस एके गोयल और जस्टिस यूयू ललित की उसी बेंच को पुनर्विचार याचिका भेज दी, जिसने एससी/एसटी एक्ट के तहत तुरंत गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी।

पहले नहीं मानी थी जल्द सुनवाई की बात

बता दें कि चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की बेंच के सामने कल ही केंद्र सरकार ने जल्दी से पुनर्विचार करने की अपील की थी, लेकिन तब बेंच ने केंद्र की दलील स्वीकार नहीं की थी। इससे पहले देश के 10 राज्यों में जमकर हिंसा हुई थी, जिसमें 12 लोगों की जान गई और तमाम वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया था। इसके अलावा थानों और पुलिस चौकियों को भी उपद्रवियों ने आग लगाकर राख में बदल डाला था।

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