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फेक न्यूज पर पीएम मोदी ने पलटा सूचना प्रसारण मंत्रालय का फैसला

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  • प्रधानमंत्री बोले – फेक न्यूज के मामले में प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया या एनबीए ही लेगा कोई फैसला

नई दिल्ली। फेक न्यूज पर लगाम लगाने को लेकर सूचना प्रसारण मंत्रालय द्वारा लिए गए फैसले को मंगलवार (3 अप्रैल) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पलट दिया। पीएम ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के फैसले पर कहा, ‘फर्जी खबर पर कोई भी फैसला प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया या एनबीए ही लेगा। इसमें सरकार की कोई दखलअंदाजी नहीं होगी।’ प्रधानमंत्री मोदी ने इसके साथ ही स्मृति ईरानी के मंत्रालय को अपना आदेश वापस लेने के लिए भी कहा है।

मिलकर फेक न्यूज के खिलाफ लड़ेंगे : स्‍मृति

पीएम द्वारा फैसला पलटवाए जाने के बाद अब केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी ने ट्वीट कर कहा है कि हम पत्रकार संगठनों या फिर प्रेस काउंसिल जैसी संस्थाओं के साथ मिलकर फेक न्यूज के खिलाफ लड़ेंगे। स्मृति ईरानी ने आगे लिखा कि इस संबंध में कोई पत्रकार या संगठन उनसे मंत्रालय में सीधा संपर्क कर सकता है।

बता दें कि फेक न्यूज पर लगाम लगाने के लिए सोमवार को केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने नए दिशानिर्देश जारी किए थे। आइए जानते हैं इन दिशानिर्देशों में क्‍या कहा गया था –

  • अगर कोई मान्‍यता प्राप्‍त पत्रकार फर्जी न्यूज लिखता या उसे प्रसारित करता है तो उसे ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है और उसकी मान्‍यता रद्द हो सकती है।
  • अगर पहली बार फर्जी खबर की पुष्टि होती है तो पत्रकार की मान्यता छह महीने तक रद्द की जाएगी। दूसरी बार फर्जी खबर की पुष्टि होने पर एक साल और तीसरी बार किसी फर्जी खबर के प्रकाशन या प्रसारण का दोषी पाए जाने पर पत्रकार की मान्यता स्थाई रूप से रद्द कर दी जाएगी।
  • यदि प्रिंट मीडिया में फेक न्यूज की शिकायत मिलती है तो उसे प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) को भेजा जाएगा। वहीं अगर यह मामला इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़ा है तो उसे न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन (NBA) को भेजा जाएगा।
  • पीसीआई और एनबीए शिकायत की जांच 15 दिनों में पूरी करेंगे।

विपक्ष ने साधा था सरकार पर निशाना

केंद्र सरकार के इस फैसले को लेकर विरोध भी शुरू हो गए थे। जहां एक तरफ पत्रकारों ने इसकी निंदा की, वहीं कांग्रेस ने भी इस फैसले पर सवाल उठाए थे और केंद्र सरकार पर निशाना साधा था। कुछ पत्रकारों ने सरकार से इस निर्णय पर फिर से विचार करने का आग्रह किया था। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सूचना प्रसारण मंत्रालय की नई गाइडलाइन्स को रद्द कर दिया।

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